सेक्टर-6 के राजकीय माध्यमिक विद्यालय में मिड-डे-मील में कीड़े पाए जाने और गैर हाजिर मिलने वाले अध्यापकों के मामले को लेकर शिक्षा विभाग गंभीर नहीं है। अखबारों में खबर प्रकाशित होने के बाद भी शुक्रवार को जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी इस मामले से अनभिज्ञ थे। वीरवार को छापामारी करने वाले बीईओ चंद्रेश विज का कहना है कि उन्होंने स्कूल में मिली खामियों की रिपोर्ट डीईईओ को भेज दी है। जबकि डीईईओ का कहना है कि सोमवार को कार्यालय में आकर ही मामले के बारे में पूछेंगे।
वीरवार को सेक्टर-6 स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय की पार्षद मेघा भंडारी को लगातार शिकायतें मिल रहीं थीं। उन्होंने वीरवार को बीईओ चंद्रेश विज के साथ स्कूल में छापा मारा। उन्होंने वहां पाया कि स्कूल की प्रिंसिपल ने रजिस्टर में हाजिरी सुबह 7:40 की लगा रखी थी लेकिन वह स्कूल में उपस्थित ही नहीं थीं। बच्चों को दिए जाने वाले मिड डे मील को चेक किया गया तो गेहूं और चावल में कीड़े मिले। बीईओ ने मामले की पूरी रिपोर्ट बनाई और उसे उच्चाधिकारियों के पास भेजने की बात कही।
स्कूल में समस्याओं के अंबार
स्कूल में कचरे के अंबार लगे हैं। रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम लगा है लेकिन उससे फायदे नहीं बल्कि उल्टा नुकसान हो रहा है। बच्चों के लिए पीने की पानी की उचित व्यवस्था नहीं है। कक्षा छठी, सातवीं और आठवीं के बच्चों को एक ही कमरे में बैठाया जाता है। स्कूल में कंप्यूटर है लेकिन आज तक उसके पार्ट ऐसे ही पड़े हैं जिन पर मकड़ियों ने जाल बिछा रहा है। काफी धूल मिट्टी जमा है। मिड डे मील के चावल और गेहूं में कीड़े चलते मिले। शौचालयों की स्थिति बदतर है। स्कूल के खिड़की दरवाजे टूटे हैं। पार्षद ने बताया कि स्कूल के रेनोवेशन के लिए अभी हाल ही में 11 लाख रुपये दिए गए थे। जिन से स्कूल की मरम्मत का कार्य किया जाना था।
स्कूल में हैं 12 टीचर, छह मिले थे गैरहाजिर
पार्षद ने बताया कि स्कूल में 12 टीचर हैं उनमें से छह टीचर स्कूल में उपस्थित नहीं थे। स्कूल की प्रिंसिपल भी अपने निजी कामों में व्यस्त रहती हैं। अभिभावकों की ओर से कई बार शिकायतें मिल चुके थी। स्कूल प्रिंसिपल से जब भी बात करते हर बार मीटिंग का बहाना बना देती। स्कूल प्रिंसिपल शुक्रवार को भी स्कूल में उपस्थित नहीं थी।
सीधी बात
बीईओ चंद्रेश विज
प्रश्न : स्कूल मामले को लेकर क्या हुआ
उत्तर : मेरा कोई रोल नहीं, चंडीगढ़ थे सारे अधिकारी। कोई भी अधिकारी करनाल में नहीं था। सक्षम अवार्ड सेरेमनी में थे अधिकारी।
प्रश्न : आप कार्रवाई कर सकते हैं।
उत्तर : मैं कार्रवाई नहीं कर सकता, नहीं तो कल ही कर देता। रिपोर्ट बनाने तक ही सीमित हूं। रिपोर्ट बनाकर वीरवर को ही भेज दी थी।
डीईईओ
प्रश्न : सेक्टर-6 स्कूल मामले में क्या कार्रवाई हुई है।
उत्तर: बीईओ ने रिपोर्ट देनी थी, मैं बाहर था।
प्रश्न: बीईओ ने अभी रिपोर्ट नहीं दी क्या।
उत्तर: अरे, मैं कह रहा मैं बाहर था, आप लोगों को पता नहीं है क्या। आज हम सीएम साहब के प्रोग्राम में सारे अधिकारी थे।
प्रश्न: रिपोर्ट कब आएगी।
उत्तर: कल बीईओ को कहा था मामले की पूरी रिपोर्ट बनाने के लिए, रिपोर्ट आने पर कार्रवाई होगी। मुझे मामले की जानकारी नहीं है मै यहां नहीं था। यदि रिपोर्ट आ गई है तो मैं सोमवार को देखूंगा और नहीं आई है तो मंडे को आ जाएगी। रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की जाएगी।
प्रश्न: कार्रवाई क्या हो सकती है।
उत्तर: बिना देखे कुछ कह नहीं सकता। रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहेंगे
पार्षद: मेघा भंडारी।
प्रश्न: मामले की शिकायत कब से आ रही थी।
उत्तर: मामले की शिकायत तीन-चार बार आ चुकी थी। स्कूल जाती तो प्रिंसिपल कहती की मीटिंग में हूं लेकिन वह अपने पर्सनल काम में बिजी रहती।
प्रश्न: क्या-क्या खामियां मिली हैं।
उत्तर: हाजिरी के लिए बॉयोमेट्रिक मशीन खराब है। 12 टीचर हैं स्कूल में, मौके पर 6 टीचर मिले। मिडे डे मील काफी थोड़ा मिलता है। जिस ड्रम में गेहूं रखा जाता है वह काफी खराब है। गेहूं के अंदर कीड़े दौड़ रहे थे।
प्रश्न: स्कूल में क्या ऐसी ही सामग्री भेजी जा रही है।
उत्तर: सरकार की तरफ से बच्चों के लिए उच्च गुणवत्ता की सामग्री भेजी जा रही है। लेकिन स्कूल प्रबंधन की लापरवाही के चलते वह खराब हो रही है।
प्रश्न: किसकी लापरवाही है।
उत्तर: स्कूल में अभी हाल ही में स्मार्ट क्लास के प्रोजेक्ट के तहत 11 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।