फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

घायल सरपंच प्रतिनिधि ने इलाज के दौरान तोड़ा दम

विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

करनाल। गोली लगने से घायल गांव जानी के सरपंच प्रतिनिधि सुखबीर ने दिवाली के दिन इलाज के दौरान चंडीगढ़ के निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया है। वहीं घटना के तीन दिन बाद भी आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए पांच टीमें गठित की हैं। सुखबीर की मौत के बाद उसके तीन बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है।
22 अक्तूबर की सुबह गांव जानी में गांव के एक आरोपी भूपेंद्र उर्फ भूपी ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर सरपंच प्रतिनिधि सुखबीर की कार पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। जिसमें उसे छह गोलियां लगी थी। चार गोलियां उसके शरीर के अंदर थी, जबकि दो उसकी बाजू व कंधे पर लगने के बाद निकल गई थी।
विज्ञापन

रंजिश के चलते वारदात का शक
जानकारी के अनुसार करीब ढाई साल पहले आरोपी भूपेन्द्र अमेरिका से डिपोर्ट होकर अपने गांव आया था। गांव में आने के बाद डेढ़ साल पहले ही भूपेंद्र की सरपंच प्रतिनिधि सुखबीर के परिवार के लोगों के साथ किसी बात पर कहासुनी हो गई थी। बताया जाता है कि उस दौरान सरपंच प्रतिनिधि के परिवार के सदस्यों ने भूपेंद्र की पिटाई कर दी थी। इसको लेकर आरोपी भूपेंद्र सुखबीर से रंजिश रखने लगा था और बदला लेने की कोशिश में था। शनिवार को जब सुखबीर खेतों में बनाए डेरे से गांव की तरफ आ रहा था तो आरोपी ने तीन साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।
सरपंच प्रतिनिधि सुखबीर की उम्र करीब 40 साल थी। उसके तीन बच्चे हैं। दो लड़कियां और एक लड़का। सबसे छोटा लड़का पांच साल है। जबकि दो लड़कियां जिनकी उम्र 12 व 10 साल है। तीनों बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है।
विज्ञापन

पुलिस ने आरोपी भूपेंद्र सहित तीन अन्य के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। भूपेंद्र के गिरफ्तार होने के बाद पता चल पाएगा कि उसके साथ कार में अन्य तीन आरोपी कौन थे और उसने इस वारदात को क्यों अंजाम दिया। आरोपी की तलाश के लिए पांच टीमें गठित की गई हैं, जो आरोपियों की तलाश कर रही हैं।
- गंगाराम पूनिया, पुलिस अधीक्षक, करनाल
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें