संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। गन्ना प्रजनन संस्थान, क्षेत्रीय केंद्र की ओर से क्लाइमेट स्मार्ट शुगरकेन एग्रीकल्चर विषय पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें बिहार राज्य से 40 प्रगतिशील गन्ना किसान भाग ले रहे हैं।
प्रशिक्षण के दौरान किसानों को जलवायु-अनुकूल गन्ना किस्मों, जल संरक्षण तकनीकों, स्वस्थ बीज उत्पादन, समेकित पोषक तत्व प्रबंधन, लवण व क्षारीय प्रभावित मृदाओं में गन्ना उत्पादन की संभावनाओं और वैज्ञानिक गन्ना फार्म प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। साथ ही संस्थान की ओर से विकसित नवीन तकनीकों का प्रायोगिक प्रदर्शन भी कराया जा रहा है।यह प्रशिक्षण जलवायु परिवर्तन की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में गन्ना उत्पादन को टिकाऊ, लाभकारी और पर्यावरण-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के पाठ्यक्रम निदेशक डॉ. एमआर मीणा हैं और सह-निदेशक डॉ. रविन्द्र कुमार व डॉ. पूजा हैं। कार्यक्रम का मार्गदर्शन संस्थान प्रमुख डॉ. एमएल छाबड़ा की ओर से किया जा रहा है।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रगतिशील किसानों को वैज्ञानिक व जलवायु-स्मार्ट तकनीकों से जोड़कर गन्ना उत्पादन की उत्पादकता, गुणवत्ता और स्थायित्व में वृद्धि करना है, ताकि किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।