माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। सावधान... इंद्री राजमार्ग के रास्ते यदि आप सफर करते हैं तो जरा संभलकर चलें। ओवरलोड और भारी वाहनों के कारण 20 किलोमीटर लंबे इस राजमार्ग की सड़क का तारकोल फिसला हुआ है, जो भारी वाहनों के ब्रेक लगने के कारण सड़क पर पत्थरों के रूप में जमा हुआ है। ऐसे में रात में सड़क की खराब हालत के कारण हादसे हो रहे हैं। बुधवार को भी सड़क की खामी के कारण हादसा हुआ।
अमर उजाला टीम ने बुधवार को इंद्री तक राजमार्ग की स्थिति की पड़ताल की तो चौंकाने वाली स्थिति नजर आई। करनाल को यमुनानगर और उत्तर प्रदेश से जोड़ने वाले इस राजमार्ग पर एक मिनट में औसतन पांच ओवरलोड वाहन गुजरे। सभी की रफ्तार तेज थी और सामने गड्ढा आने पर जैसे ही ब्रेक लगाते तो सड़क का तारकोल भी पहियों के साथ आगे सरक जाता। तारकोल कई जगह जमा मिला।
स्थिति यह है कि सड़क पर कहीं भी डिवाइडर शुरू हो रहा है और कहीं भी खत्म हो रहा है। रात में चालक स्थिति को समझ सके, इसके लिए कोई संकेतक भी नहीं है। डिवाइडरों में भी अवैध कट बने हैं। इसके अलावा जहां संकेतक लगे हैं वे वाहनों की टक्कर के कारण क्षतिग्रस्त हैं। 2019 में इस सड़क को फोरलेन किया गया था। तब भी करीब 150 से ज्यादा हादसे हुए थे। इस राजमार्ग पर इंद्री तक 20 गांव और 13 कॉलोनियां हैं। अन्य वाहन चालकों के अलावा यहां के लोगों को रोजाना खतरे भरा सफर तय करना पड़ता है।
एनएच के मानकों पर सड़क बनाने की जरूरत
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ एडवोकेट संदीप राणा, तेजपाल और शुभम का कहना है कि जिस सड़क में निचली लेयर मजबूत न हो और उस पर भारी वाहन ज्यादा गुजरें, वहां ऐसे तारकोल वाहन के पहियों के दबाव में आगे खिसकता है। इंद्री राजमार्ग की स्थिति देखकर लगता है, इसे शहर की सामान्य सड़कों की तर्ज पर बनाया गया है। इसे राष्ट्रीय राजमार्ग के मानकों पर बनाया जाना चाहिए।
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करनाल से इंद्री राजमार्ग पर करीब 30 करोड़ की लागत से नई सड़क का निर्माण किया जाएगा। इसके लेकर कागजी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। सर्दी के कारण काम शुरू नहीं हो पाया। फिलहाल गड्ढों को भरवा दिया गया था। - संदीप सिंह, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी