संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। रामलीला भवन में श्री रामायण पाठक सभा के कलाकारों ने शनिवार को सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र नाटक का मंचन किया। दिखाया गया कि राजा हरिश्चंद्र की सत्यवादिता के प्रभाव से इंद्र का सिंहासन डोलने लगा।
ऋषि विश्वामित्र ने उन्हें बताया कि जल्द राजा हरिश्चंद्र का स्वर्ग पर भी राज होगा। इंद्र ने अपनी माया से एक जोगन को राजा हरिश्चंद्र के दरबार में गाने भेजा। उसके गाए भजन से राजा आनंदित हो गए। उन्होंने जोगन को वर मांगने के लिए बोला। जोगन ने हरिश्चंद्र का राजपाट मांग लिया। सबकुछ देने के बाद भी ढाई भार सोना शुल्क बकाया रह गया। इसे चुकाने के लिए राजा हरिश्चंद्र ने अपनी पत्नी तारामती व पुत्र रोहताश को काशी के एक सेठ को बेच दिया और स्वयं को श्मशान के एक चांडाल को सौंप दिया।
सभा के प्रधान रमेश चंद गुप्ता ने बताया कि 28 सितंबर को भरत मिलाप लीला का मंचन किया जाएगा। लीलाओं का मंचन रोजाना रात को 9 बजे शुरू होगा। सभा के चेयरमैन नरेश गुप्ता, महासचिव प्रभात गुप्ता, कोषाध्यक्ष मनोज गोयल, मुख्य निर्देशक रामकिशन गुप्ता और महाप्रबंधक रविंद्र बंसल आदि उपस्थित रहे।