संवाद न्यूज एजेंसी
इंद्री। इंद्रगढ़ गांव में करीब आठ एकड़ में बना खेल मैदान खस्ताहाल में है। हालात इतने खराब हैं कि आसपास के खिलाड़ी यहां अभ्यास करने से बचते हैं। मैदान नशा करने वालों का अड्डा बन चुका है। शाम होते ही उनका जमावड़ा लग जाता है। मैदान में बेसहारा पशु भी आ जाते हैं।
ग्राम पंचायत की ओर से जगह देकर इस लिहाज से यह मैदान तैयार कराया गया था कि यहां आसपास के गांवों के लोग भी खेल का अभ्यास करेंगे। खेल मैदान में दो साल से कोच की नियुक्ति नहीं हो पाई है। खेल मैदान में लगे बास्केटबाॅल के जर्जर पोल लापरवाही की हद बयां कर रहे हैं।
परिसर में इंडोर खेलों के लिए बनाए गए हॉल के दरवाजे टूटे पड़े हैं। पूरे मैदान में जंगली घास और कबाड़ के ढेर लगे हैं। वालीबॉल कोर्ट में भेड़-बकरियों का मल पड़ा रहता है।मैदान में जाने के लिए कच्चा रास्ता बनाया है। बारिश में इस पर फिसलन हो जाती है। दौड़ के लिए बनाया गया ट्रैक टूट गया है। मैदान का मुख्य द्वार व गेट टूटे होने से बेसहारा पशु व आवारा कुत्ते अंदर घुस आते हैं।
पंचायत के सुपुर्द नहीं किया
खेल मैदान को ग्राम पंचायत ने जगह देकर तैयार कराया, मनरेगा से मैदान की सफाई व समतल भी करवाया लेकिन आज तक भी इस खेल मैदान को पंचायत को सुपुर्द नहीं किया गया है। खेल विभाग की ओर से आज तक सुरक्षाकर्मी की नियुक्ति नहीं हुई है। खेल मैदान में दिनभर बेसहारा पशु चरते रहते हैं। खिलाड़ियों अजय, यतन, सागर, सक्षम और निखिल का कहना है कि शुरुआत में इस खेल मैदान के हालात ठीक रहे, खिलाड़ी यहां रोजाना अभ्यास के लिए जाते थे। आजकल देखरेख के इभाव में मैदान अभ्यास करने लायक नहीं है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने की थी इस मैदान की घोषणा
पूर्व सरपंच राजेश ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अनाज मंडी, इंद्री में अपनी पहली धन्यवाद रैली में गांव में स्टेडियम बनवाने की घोषणा की थी। स्टेडियम की लागत करीब एक करोड़ दस लाख रुपये आई थी। निर्माण के लिए ग्राम पंचायत ने नौ एकड़ जमीन सरकार को दी। इसमें से करीब सात एकड़ में स्टेडियम तैयार हुआ।
वर्जन ....
इंद्रगढ़ के खेल मैदान के लिए खेल व पंचायत विभाग की ओर से कोई बजट अलग से प्रस्तावित नहीं हुआ। मनरेगा से खेल मैदान की दो बार सफाई कराई जा चुकी है। खेल भवन के दरवाजे टूटे होने से अंदर रखा सामान चोरी हो गया। खेल मैदान की सफाई तो पंचायत अपने स्तर पर करवा सकती है लेकिन कोच व सुरक्षाकर्मी की व्यवस्था खेल विभाग की ओर से की जानी चाहिए। मैदान पंचायत को सुपुर्द नहीं किया गया है। - मनीष, सरपंच इंद्रगढ़
इंद्रगढ के खेल मैदान में खेल भवन की खिड़कियों के टूटे पड़े हैं शीशे संवाद