करनाल। सप्ताह के अंत में लघु सचिवालय नए लुक में नजर आएगा। चार मंजिला भवन पर वर्टिकल गार्डनिंग की जा रही है। यहां इंदौर और बंगलुरू से आए करीब चार हजार पौधे प्रशासनिक खंड की मुख्य दीवार पर लगाए जा रहे हैं। नौ तरह के पौधों से सजी दीवार की सुंदरता देखते बनेगी। साथ ही इसकी खासियत होगी कि यह धूप और एसी से निकलने वाली हीट से भी बचाएगी। स्मार्ट सिटी के तहत प्रोजेक्ट पर करीब आठ लाख रुपये खर्च होंगे। इस कवायद से अपने काम को लेकर अधिकारियों से मिलने आने वाले लोगों के अलावा ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी भी तपिश से बचेंगे।
सचिवालय के प्रशासनिक खंड में सभागार के अलावा सरल केंद्र और तहसील परिसर भी है, यहां 50 से ज्यादा एसी दिनभर चलते हैं। वहीं धूप की सीधी तपिश भी अधिकारियों के कमरों के बाहर खड़े लोगों पर शीशे से पड़ती है। अब शीशों के आगे लोहे के फ्रेम में वर्टिकल गार्डनिंग की जा रही है। प्रोजेक्ट पर काम कर रही कंपनी के अधिकारी भारत ने बताया कि पौधों को प्लास्टिक के फ्रेम मेें फिक्स किया जा रहा है और हर पौधे में नीचे से ऊपर पानी की पाइप सेट की गई है। ये धूप में सूखने वाले पौधे नहीं है, हालांकि समय पर पानी और एक-दो महीने में कटिंग कर देखभाल करने की आवश्यकता होगी।
ये नौ प्रकार के पौधे लगेंगे
कार्यदायी संस्था भारत नर्सरी के तकनीकी अधिकारी मंजीत ने बताया कि इंदौर और बंगलुरू की वैरायटी में एलेंथरा ग्रीन, रेड, वेरिगेटिड, सफलेरा वेरिगेटिड, असपैरेगस, ब्लैक ग्रास, बडैलिया व दुरंटा शामिल हैं। वहीं बडैलिया नामक फूल का पौधा भी बीच में लगाया जाएगा, जिस पर पीले रंग के फूल दीवारों की सुंदरता बढ़ाएंगे।
-सचिवालय की दीवार के 11 सौ स्कवायर फीट एरिया में गार्डनिंग होगी। अलग-अलग वैरायटी के पौधों से इमारत हरी-भरी नजर आएगी। प्रोजेक्ट के अंतर्गत तीन साल तक वाटरिंग, पौधों समेत अन्य रखरखाव की जिम्मेदारी कंपनी की है। सुंदरता के अलावा एसी की हीट सोखना और धूप की तपिश से बचाना इस प्रोजेक्ट की खासियत है। -निशांत कुमार यादव, डीसी करनाल।