स्वास्थ्य मंत्री राव नरेंद्र सिंह ने कैथल में इंदिरा गांधी मल्टीस्पेशएयलिटी अस्पताल को लगभग 80 लाख रुपये की कीमत की पूरी तरह से आटोमेटिक बायोमेट्रिक मशीन उपलब्ध करवाने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना के बाद लैब में हर रोज होने वाले लगभग 2000 से अधिक टेस्टों के कारण इस मशीन की जरूरत महसूस की जा रही थी। मशीन के उपलब्ध होने से लोगों को काफी लाभ मिलेगा।
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गुड़गांव, फरीदाबाद, सोनीपत, हिसार व रोहतक में लगभग 80 लाख रुपये की लागत से खरीदी गईं बायोमेट्रिक मशीनें सीलबंद पड़ी हुई हैं। करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद इन मशीनों की सेवाएं लोगों को नहीं मिल रही हैं जबकि कई अस्पतालों में इन मशीनों की काफी आवश्यकता है। यह मशीन पूरी तरह से आटोमेटिक है। इसमें ब्लड शुगर, टीएलसी, डीएलसी, कोलेस्ट्रोल, यूरिक एसिड सहित दूसरे टेस्ट कम समय में हो सकते हैं।
मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना के बाद बढ़ी मरीजों की संख्या
एक जनवरी से शुरू हुई मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना के बाद इंदिरा गांधी मल्टी स्पेशएयलिटी अस्पताल में मरीजों की संख्या में लगभग चार गुना इजाफा हुआ है, जिस कारण लैब में भी टेस्टों की संख्या बढ़ गई है। यहां करीब 2000 से ज्यादा टेस्ट हर रोज हो रहे हैं जिस कारण यहां ज्यादा मशीनों व स्टॉफ की आवश्यकता है। अमर उजाला द्वारा इसी सप्ताह इस मुद्दे को उठाया गया था क्योंकि मरीजों को टेस्ट रिपोर्ट मिलने में देरी होने के कारण दो-दो दिन तक अस्पताल में चक्कर लगाने पड़ते हैं। यदि मंत्री द्वारा की गई घोषणा के अनुसार मशीन उपलब्ध हो जाती है तो लोगों को काफी लाभ मिलेगा। उन्हें टेस्ट रिपोर्ट जल्दी मिल सकेगी तथा इलाज में भी आसानी होगी।
जल्द भेजेंगे मशीन : राव
कैथल में निजी अस्पताल के उद्घाटन अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि वह पता लगाकर शीघ्र ही एक मशीन को कैथल अस्पताल के लिए उपलब्ध करवाएंगे ताकि लोगों को परेशानी न हो।