सरकार की मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना इंदिरा गांधी मल्टीस्पेशिएलिटी अस्पताल में सुविधा की जगह दुविधा बन गई है, क्याेंकि इस अस्पताल में हर रोज दो हजार से अधिक मरीज अपने टेस्ट करवाने पहुंचे हैं। अस्पताल की लैब में टेस्ट करने के लिए मशीनों की कमी है, साथ ही लैब टेक्नीशियन भी कम हैं, इस कारण मरीजों को अपनी टेस्ट रिपोर्ट देरी से मिलती है जिस कारण इलाज भी देरी से शुरू हो पाता है। मशीनों और लैब टेक्नीशियनों की कमी मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना की सार्थकता में आड़े आ रही है।
जनवरी में 62 हजार टेस्ट
अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना के बाद लैब में काम का लोड चार गुना बढ़ गया है। यहां पहले 400 के आसपास ही एक दिन में टेस्ट होते थे। अब हर रोज दो हजार से ज्यादा लोग आ रहे हैं। जनवरी में लैब में 62 हजार से अधिक लोगों के टेस्ट हुए। मरीजों की संख्या तो बढ़ गई है, लेकिन मशीनों एवं लैब टेक्नीशियनों की संख्या वही है। यहां एक मशीन एक टेस्ट रिपोर्ट देने में कई बार तीन से पांच मिनट लगा देती है। ऐसे में दो बजे तक सुबह की शिफ्ट के कर्मचारियों की छुट्टी हो जाती है। हालांकि लैब 24 घंटे खुली रहती है लेकिन दो बजे के बाद चिकित्सकों के चले जाने के कारण टेस्ट रिपोर्ट अगले दिन ही दिखानी पड़ती है। तब जाकर डॉक्टर संबंधित मरीज के इलाज को शुरू कर पाते हैं। हालांकि एलटी की संख्या बढ़ी है। यहां 24 घंटे के लिए लगभग 12 एलटी हैं लेकिन मरीजों की संख्या को देखते हुए यहां 20 से अधिक एलटी होने चाहिए। सुबह जब सबसे ज्यादा भीड़ रहती है, उस समय दो नियमित व दो अनुबंध आधार पर नियुक्त एलटी काम करते हैं। वहीं कुछ फार्मेसी विद्यार्थी भी प्रेक्टिस कर रहे हैं।
दो दिन से भटक रहे
वीरवार को अस्पताल में इलाज के लिए आई केलो देवी ने बताया कि टेस्ट के लिए लैब में उसका तीसरा दिन है। एक दिन बीच में अवकाश होने के चलते उसे तीसरे दिन टेस्ट रिपोर्ट लेने के लिए आना पड़ा है। इसी प्रकार से राजौंद निवासी कालू, भाणा निवासी रघुबीर, सेगा निवासी दिलबाग सिंह ने कहा कि उन्हें दो-दो घंटे से यहां इंतजार करना पड़ रहा है। अब बताया जा रहा है कि दो बजे टेस्ट रिपोर्ट मिलेगी, लेकिन तब तक यदि डॉक्टर चले गए तो उन्हें अगले दिन ही इलाज के लिए आना पड़ेगा।
73 प्रकार के टेस्ट
लोगों की सुविधा के लिए कैथल जिले के अस्पताल में अन्य अस्पतालों की तुलना में सबसे अधिक टेस्ट हो रहे हैं। यहां 73 से भी ज्यादा टेस्ट हैं लेकिन सुविधा के कारण मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी के चलते लोगों को कई घंटे इंतजार करना पड़ रहा है। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि यहां लैब में टेस्ट करने वाली मशीनों की संख्या बढ़ाई जाए, साथ ही एलटी की संख्या में बढ़ोतरी की जाए ताकि मरीजों को इलाज के लिए भटकना न पड़े।
समस्या का समाधान जल्द
एसएमओ डॉ. नरेश वर्मा ने कहा कि नई योजना शुरू होने से मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है जिस कारण यह दिक्कत आ रही है। जरूरत अनुसार यहां मशीनों एवं लैब टेक्नीशियनों की संख्या बढ़ाई जाएगी। जल्द ही स्टॉफ एवं इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाया जाएगा।