- पिता ने 40 लाख रुपये कर्ज लेकर डोंकी के जरिए भेजा था अमेरिका
- एक निजी स्टोर पर करता था नौकरी
संवाद न्यूज एजेंसी
जुंडला। नरुखेड़ी गांव निवासी भारत नरवाल की अमेरिका के न्यू जर्सी शहर में हुए सड़क हादसे में मौत हो गई है। वह तीन साल पहले साइप्रस से पढ़ाई करके भारत लौटा था। उसके बाद अमेरिका चला गया। बेटे की मौत की सूचना के बाद माता-पिता व बड़ी बहन सदमे में हैं। गांव में मातम पसरा है। मृतक के चचेरे भाई रविंद्र नरवाल ने बताया कि उसके चाचा ऋषिपाल ने रिश्तेदारों से 40 लाख रुपये कर्ज लेकर भारत को डोंकी के रास्ते अमेरिका भेजा था। वह करीब आठ माह से न्यू जर्सी सिटी में एक स्टोर पर काम कर रहा था। उसके साथ एक मैक्सिको का युवक भी था। 17 अक्टूबर की रात को वह स्टोर से अपना काम खत्म करके दोस्त की गाड़ी से घर जा रहे थे। तभी रास्ते में गाड़ी का संतुलन बिगड़ गया और गाड़ी डिवाइडर से टकराते हुए सड़क पर पलट गई। जिसमें भारत और उसके दोस्त की मौत हो गई।
पिता से एक दिन पहले हुई थी बात
पिता ऋषिपाल ने बताया कि हादसे से एक दिन पहले ही उसकी भारत से बात हुई थी। वह कह रहा था कि पापा आप टेंशन न लो मैं जल्द कर्ज चुका दूंगा। उसे स्टोर पर अच्छा काम मिल गया है, लेकिन अगले दिन ही अमेरिका से उसके बेटे की मौत की खबर आ गई।
परिवार का इकलौता बेटा था भारत
चचेरे भाई रविन्द्र ने बताया कि भारत अपने माता-पिता का इकलौता सहारा था। उसकी एक बड़ी बहन भी है, जिसकी शादी हो चुकी है। भारत को उसके माता-पिता ने बड़े दुलार से पाल कर बड़ा किया था। अब जब बेटा कमाने लगा तो वह उन्हें छोड़कर चला गया।
फुटबॉल का खिलाड़ी था भारत
ग्रामीणों ने बताया कि भारत फुटबॉल का खिलाड़ी था। वह स्टेट लेवल तक फुटबॉल खेल चुका था। उसकी मौत के बाद माता-पिता सदमे में हैं। बहन का रो रो कर बुरा हाल है। बहन व मां को यकीन ही नहीं हो रहा है कि उनका बेटा व भाई अब वापस नहीं आ पाएगा। ग्रामीणों व परिजनों ने मांग की है कि सरकार उनके बेटे का शव भारत लाने में मदद करे।