ट्रैवल हिस्ट्री छुपाने के आरोप में कपड़ा व्यापारी के खिलाफ केस दर्ज होने के बाद सोमवार को कल्पना चावला मेडिकल कालेज में कोरोना जांच के लिये लोगों की भीड़ लग गयी। हालात ये थे कि सुबह से शाम चार बजे तक लोग टेस्ट के लिए डटे रहे। इसके बावजूद कई लोगों को बिना टेस्ट कराये वापस लौटना पड़ा। स्थिति यह हुई कि पहले जहां फ्लू ओपीडी 150 होती थी, यह आंकड़ा 400 को पार कर गया। टेस्ट नहीं होने से नाराज कुछ लोगों ने बताया कि वे दो दिन से आ रहे हैं, लेकिन टेस्ट नहीं किया जा रहा है।
पिछले दो माह से कल्पना चावला मेडिकल कालेज में वीआरडीएल लैब चलाई जा रही है। इसके लिए एनडीआरआई से एक मशीन उधार में ली गई है, यह मशीन कई साल पुरानी है। वहीं लैब में स्टाफ भी पूरा नहीं है। ऐसे में कोरोना की जांच कराने वालों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। पहले जिला प्रशासन की ओर से 50 लोगों की लिस्ट भेजी जाती थी, इनमें पुलिस समेत सब्जी मंडी के आढ़ती और फल विक्रेता शामिल हैं। दूसरा फ्लू ओपीडी में संदिग्ध लगने वालों के चेकअप के बाद टेस्ट किये जाते हैं। वहीं अब चमन गार्डन निवासी कपड़ा व्यापारी के खिलाफ दिल्ली से लौटने की सूचना नहीं देने और कोरोना फैलाने के आरोप में केस दर्ज होने के बाद जांच कराने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। यही कारण है कि सोमवार को फ्लू ओपीडी में खूब भीड़ रही, जो भी बाहर से आया सीधे जांच कराने के लिए यहीं पर पहुंच गया। सुबह से दोपहर और दोपहर से शाम के तीन बज गये, लेकिन सैंपल नहीं लिया गया। ऐसे में उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा।
दो दिन से आ रहे हैं टेस्ट नहीं हो रहा
अमर उजाला की टीम जब मौके पर पहुंची तो वहां पर गुजरात से आए एक दंपती ने बताया कि वे दो दिन पहले गुजरात से आये हैं। दो दिन से यहां पर आ रहे हैं, लेकिन टेस्ट नहीं हो रहा है। इसी प्रकार, गुड़गांव से आए युवक ने बताया कि वह सुबह यहां पर आ गया था, लेकिन दोपहर के बाद भी उसका नंबर नहीं आया है। बातचीत में सभी ने एक ही बात कही कि उनको सुबह बुला लिया जाता है, लेकिन टेस्ट नहीं हो पाता है।
डीसी ने कहा था, जल्द आएगी नई मशीन
नई आरटी पीसीआर मशीन को लेकर डीसी निशांत यादव कह चुके हैं कि कालेज को नई मशीन अलाट हो चुकी है और जल्द यह कल्पना चावला मेेडिकल कालेज पहुंच जाएगी, लेकिन अभी तक कालेज के पास इसकी कोई जानकारी नहीं हैं। कालेज प्रबंधन मशीन को लेकर सरकार से पत्र व्यवहार भी कर चुका है। अगर नई मशीन आती है तो सैंपल जल्दी हो सकेंगे और टेस्ट के लिए इतना इंतजार नहीं करना होगा। इस बारे में मेडिकल कालेज के डीएमएस गौरव कुमार का कहना है मशीन को लेकर बड़े लेवल पर बात चल रही है।