जिले में मौसम धीरे-धीरे गर्म होने लगा है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार आने वाले दिनों में रात का न्यूनतम तापमान 10 से 11 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा, जबकि दिन का अधिकतम तापमान बढ़कर 25 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह तापमान अधिकांश फसलों, विशेषकर गेहूं की फसल के लिए अनुकूल है।
जिले में इस समय गेहूं की फसल दाना बनने और भरने की अवस्था में है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस चरण में दिन में हल्की गर्मी और रात में ठंडक फसल के विकास के लिए बेहतर मानी जाती है। 25 डिग्री सेल्सियस तक का अधिकतम तापमान गेहूं में दानों के भराव को तेज करता है। दाने भारी और चमकदार बनते हैं।
कृषि अधिकारियों के मुताबिक अगर अधिकतम तापमान 27 से 28 डिग्री से ऊपर नहीं जाता और न्यूनतम तापमान 8 डिग्री से नीचे नहीं गिरता, तो गेहूं की पैदावार पर सकारात्मक असर पड़ता है। मौजूदा मौसम में पाले या अत्यधिक गर्मी का कोई खतरा नहीं होने से फसल सुरक्षित बताई जा रही है।
नमी का भी ध्यान रखना होगा
मौसम वैज्ञानिक डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि सिंचाई करते समय फसलों का ध्यान रखें। कीटों को नष्ट करने के लिए किसानों को वैज्ञानिकों की सलाह लेनी चाहिए। सिंचाई और खाद प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना होगा। इस तापमान में खेतों में हल्की नमी बनाए रखना जरूरी है। जिन क्षेत्रों में सिंचाई की गई है, वहां फसल की बढ़वार बेहतर देखी जा रही है।
मौसम में बढ़ती गर्मी का असर सरसों और सब्जियों की फसलों पर भी सकारात्मक माना जा रहा है। सरसों की फसल पकने की ओर बढ़ रही है, जबकि आलू, मटर और अन्य सब्जियों में गुणवत्ता बेहतर रहने की उम्मीद जताई जा रही है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अचानक तापमान में तेज उछाल आता है या गर्मी अधिक बनती है, तो गेहूं की फसल में दाने सिकुड़ने का खतरा हो सकता है। फिलहाल मौसम स्थिर रहने के संकेत हैं, जिससे किसानों को राहत मिली है।