माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। करनाल के कुछ अनुसंधान संस्थाओं में शनिवार को कृषक वैज्ञानिक संवाद आयोजित किए। यह पूसा संस्थान नई दिल्ली से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुरू किए गए पीएम धन-धान्य कृषि योजना और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत हुए। भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में निदेशक डॉ. रतन तिवारी ने कहा, किसानों को दलहनी फसलों को अपनाना चाहिए। इस पर सरकारी अनुदान तो मिलेगा ही, साथ ही फसल विविधीकरण के कारण मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी सुधरेगी। छिलका रहित जौ की खेती से आय में वृद्धि होगी। इस मौके पर एससी-एसपी परियोजना के तहत 60 किसानों को एक एकड़ गेहूं की बीजाई के लिए डीबीडब्ल्यू 187 व डीबीडब्ल्यू 222 का निःशुल्क बीज दिया गया। ब्यूरो