- कोरोना काल में जिले में थे 131 वेंटिलेटर मगर अब 121 रह गए, ऑक्सीजन सिलिंडर भी पहले से काफी कम
- जिले में मिला एक कोरोना मरीज, विभाग ने किया होम आइसोलेट
अनुज शर्मा
करनाल। कोरोना का खतरा बढ़ रहा है। तीन दिन पहले जिले में एक कोरोना पॉजिटिव मिल चुका है। कुछ समय पूर्व प्रदेश सरकार ने प्रत्येक जिले के स्वास्थ्य विभाग को कोरोना से निपटने के लिए अपने यहां संसाधन जांचने के निर्देश दिए गए थे और जो खराब हो गए हैं उन्हें दुरुस्त करवाने के आदेश दिए गए थे, लेकिन जिले में संसाधन बढ़ने के बजाय घट गए हैं। ऐसे में यदि कोरोना पैर पसारता है तो मरीजों को इलाज कराने में समस्या आ सकती है। जबकि पहले से अन्य गंभीर मरीजों को रेफर किया जा रहा है।
कोरोना को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने नागरिक अस्पताल, मेडिकल कॉलेज सहित सभी सीएचसी में फ्लू कार्नर बनाए हैं। जिनमें खांसी, बुखार, जुकाम से संबंधित केसों को देखा जा रहा है। वहीं विभाग की ओर से लोगों को मास्क पहनने के साथ-साथ कोविड के नियमों का पालन करने को कहा जा रहा है।
दूसरी ओर संसाधनों की बात की जाए तो करनाल जिले में संसाधन बढ़ने की बजाय घट रहे हैं। यहां पर कोरोना काल में 131 वेंटिलेटर थे, लेकिन अब 121 रह गए हैं। जिले में डी टाइप के ऑक्सीजन सिलिंडरों की संख्या 80 थी, लेकिन अब 15 है और बी टाइप ऑक्सीजन सिलिंडरों की संख्या 211 थी और अब 67 है। साथ ही ऑक्सीजन कंसंट्रेटर 459 थे और अब 120 है और फ्लो मीटर 85 थे और अब मात्र 23 ही रह गए हैं।
अब तक मिल चुका एक कोरोना केस
जिले में तीन दिन पहले निसिंग क्षेत्र के एक गांव का 30 वर्षीय युवक कोरोना पॉजिटिव मिला है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने मरीज को उसके घर पर ही आइसोलेट कर दिया और घर के सभी सदस्यों के सैंपल लेकर जांच करवाई गई है। जिसमें सभी सुरक्षित हैं।
जिले में मार्च 2023 के बाद नहीं पहुंचा टीका
जिले में 24 लाख 77 हजार 786 लोगों ने टीका लगवाया है। इनमें 13 लाख 30 हजार 173 लोगों ने पहली डोज, 10 लाख 73 हजार 244 लोगों ने दूसरी डोज व मात्र 74 हजार 369 लोगों ने ही प्री-कॉशन डोज लगवाई है। बता दें कि केंद्र व राज्य की ओर से स्वास्थ्य विभाग को मार्च 2023 के बाद एक भी डोज नहीं मिली है। जिससे टीकाकरण का कार्य आगे बढ़ाया जा सके।
जिले में ऑक्सीजन की स्थिति
कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में 1000 एलपीएम। नागरिक अस्पताल करनाल में 1000 और 200 एलपीएम। सब डिविजनल अस्पताल नीलोखेड़ी में 250 एलपीएम। सब डिविजनल अस्पताल असंध में 666 एलपीएम। सीएचसी घरौंडा में 600 एलपीएम। सीएचसी इंद्री में 300 एलपीएम।
स्वास्थ्य विभाग के पास संसाधनों की स्थिति
संसाधन पहले अब
आईसोलेशन बेड 1318 1297
आईसीयू बेड 397 393
पीडियाट्रिक बेड 300 300
पीडियाट्रिक आईसीयू बेड 114 126
नीकू 86 86
वेंटिलेटर 131 121
सीपैप 18 05
हाई फ्लो नेजल कैनूला 14 07
ऑक्सीजन मास्क 70 40
सिलिंडर डी टाइप 80 15
सिलिंडर बी टाइप 211 67
ऑक्सीजन कंसंट्रेटर 459 120
फ्लो मीटर 85 23
वर्ष अनुसार सैंपल जांच कोरोना पॉजिटिव और मृत्यु
वर्ष जांच पॉजिटिव मृत्यु
2020 1,99,874 10,801 146
2021 5,93,099 29,291 409
2022 2,73,477 9,824 46
2023 37,726 827 03
2024 200 01 00
कोरोना का केस तीन-चार दिन पहले आया था। जिसमें कोरोना के लक्षण नहीं हैं। मरीज को बाहर जाना था तो उसने कोविड जांच कराई जिसमें वह पॉजिटिव निकला है। सामान्य होने के चलते उसे होम आइसोलेट किया गया है। इसके बाद घर के सभी सदस्यों के सैंपल लिए गए थे। जो कि सभी सुरक्षित हैं। वहीं कोरोना से लड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास पर्याप्त संसाधन हैं।
अनु शर्मा, उप सिविल सर्जन