मस्ती और मनोरंजन की राहगिरी में रविवार को पेरिस में मारे गए लोगों को
श्रद्धांजलि दी गई। एसपी समेत शहर के लोगों ने पेरिस के लोगों के गम में
शरीक होते हुए दो मिनट को मौन रखकर शोक जताया और मृतकों की आत्मा की शांति
के लिए कामना की। इसके बाद राहगिरी में अलग-अलग तरह के कार्यक्रम हुए।
हर
बार की तरह इस बार भी एसपी पंकज नैन टीम के साथ राहगिरी के हर मंच पर गए
और कलाकारों का उत्साह बढ़ाने के साथ ही लोगों को नियमों का पाठ भी पढ़ाया।
एसपी ने मंगलवार को नो कार का नारा देकर कार फ्री डे मुहिम के लिए एकजुट
होने की आवाज बुलंद की। उन्होंने हर मंगलवार को साइकिल, पैदल या अन्य
वाहनों से अपने काम निपटाने की नसीहत दी। लोगों ने हाथ उठाकर इस मुहिम को
सफल बनाने का संकल्प लिया।
राहगीरी में नन्हे कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति
से सभी को स्तब्ध कर दिया। कलाओं के संगम के रूप में यह कार्यक्रम लोगों को
हरियाणवी, पंजाबी गीतों के साथ कविता, डांस व अन्य विधाओं के कलाकारों से
रूबरू कराने का बेहतर मंच है। रविवार को राहगिरी का हिस्सा बने मास्टर
सलीम के शार्गिदों रोहित व अमित ने अपने सुरों से राहगिरी को सुरमई बनाया।
दोनों की आवाज का जादू लोगों के सिर चढ़कर बोला। राहगिरी में हर बार की तरह
इस बार भी रंगोली के प्रति लोगों की दिवानगी देखने को मिली। जेल जेल के
वार्डर रामस्वरूप व बीरबल की कला की
हर किसी ने सराहना की।
आतंकवाद के खिलाफ हम सब एक
राहगिरी
के मंच से एसपी पंकज नैन ने कार फ्री डे के समर्थन से पहले लोगों को
आतंकवाद के खिलाफ लड़ने का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद से किसी का
भला होने वाला नहीं है। हमले में मारे गए लोगों के परिजनों को आतंकवादियों
ने जो गम दिया है उसकी भरपाई करना मुश्किल है। आतंकवाद को जड़
से मिटाने के लिए सभी को संकल्प लेना होगा। लोग यदि एकजुट हो जाएंगे तो आतंकवाद अपने आप समाप्त हो जाएगा।
तीरंदाजी में दिखाए जौहर
राहगिरी
में नन्हे तीरंदाजों के साथ ही स्केटरों ने भी अपनी प्रतिभा का लोहा
मनवाया। रिद्धि फोर, नंदिनी लाठर, तेजस फोर व तेजस चौहान ने राहगिरी में
अभ्यास कर अन्य युवाओं को भी इस खेल के प्रति आकर्षित किया।
छोटे स्केर्ट्स ने बड़े कारनामे दिखाकर लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया। रस्साकशी,
तलवारबाजी,
कबड्डी, कंचे के साथ ही योग कक्षा, ताईक्वांडो, कैरम बोर्ड प्रतियोगिता,
पॉप सांग व गिटार प्रतियोगिता, जिम, फुटबॉल, वालीबॉल, बैडमिंटन, भंगड़ा,
डांस, पेंटिंग व वाटर पेंटिंग, रस्सी कूद के साथ ही
अन्य सांस्कृतिक विधाओं में भी लोगों ने अपने हाथ आजमाए।