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Karnal News: मान्यता प्राप्त संस्थान से मिलता जुलता नाम रख अवैध स्कूलों का हो रहा संचालन

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- वैध स्कूलों की शाखा बताकर अभिभावकों को करते हैं गुमराह, नाम के एक या दो अक्षर को कर लेते हैं आगे-पीछे
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- कार्रवाई से बचने का भी है तरीका, 101 स्कूलों में ज्यादातर ऐसे ही हो रहे संचालित

गगन तलवार

करनाल। बिना मान्यता के अवैध रूप से चलने वाले निजी स्कूलों ने कार्रवाई से बचने और अभिभावकों को गुमराह करने के लिए भी फर्जीवाड़ा किया है। वे मान्यता प्राप्त निजी एवं संस्थाओं के स्कूलों से मिलते-जुलते नाम पर अपने संस्थान का नाम रख लेते हैं। इससे आम जन में भ्रम रहता है और वे बड़े स्कूल की शाखा बताकर विद्यार्थियों के दाखिले करते हैं।

धड़ल्ले से चलने वाले इन स्कूलों के खिलाफ मान्यता प्राप्त स्कूल संचालक कोई शिकायत न दे सकें, इसके लिए वे मान्यता प्राप्त संस्थान के नाम के कुछ अक्षरों को आगे-पीछे या हलका फेरबदल करके नया नाम रख लेते हैं। ऐसे में वैध स्कूल अपने नाम जैसे पंजीकरण संबंधित आपत्ति भी दर्ज नहीं करा पाता। वहीं कुछ स्कूलों ने तो नाम भी बिलकुल वही रखा हुआ है, बस विद्यालय की जगह शिक्षा सदन या विद्यापीठ लिखा हुआ है।
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शिक्षा सुधार के लिए काम कर रहे एडवोकेट संदीप राणा का कहना है कि अवैध स्कूलों द्वारा मिलते-जुलते नाम रखने के दौरान कुछ अक्षर या शब्द बदलने का खेल इसलिए किया जाता है ताकि उन पर कोई कानूनी कार्रवाई न हो। दूसरा, मान्यता प्राप्त नामी स्कूल की साख अच्छी होती है, उनकी शाखा बताकर या वैसा ही नाम रख लेने से अभिभावक संदेह नहीं करते। तीसरा, विभाग की कोई टीम उन्हें अवैध स्कूल के तौर पर आसानी से चिह्नित न कर पाए।

विदित हो कि निदेशालय और यू-डाइस पर अपडेट डाटा के आधार पर जिले में 107 स्कूलों का नाम गैर मान्यता सूची में पाया गया है। इनमें से महज छह स्कूलों ने अपने मान्यता संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं, अन्य 101 स्कूलों में से ज्यादातर स्कूल ऐसे हैं, जिनका नाम मान्यता प्राप्त स्कूलों से मिलता-जुलता है।



इंटरनेशनल या वर्ल्ड लिख कराते हैं विदेशी स्कूल का आभास

अवैध रूप से चलने वाले जिन 107 स्कूलों की सूची विभाग की ओर से जारी की गई थी। इनमें से कई स्कूल ऐसे हैं, जिन्होंने अपने संस्थान का नाम अंग्रेजी में रखा है। इससे वे विदेशी स्कूल की शाखा का आभास कराते हैं। इसके अलावा कुछ स्कूलों के नाम के साथ इंटरनेशनल और वर्ल्ड शब्द जुड़ा हुआ है। इससे भी अभिभावक धोखा खा जाते हैं। प्रयास संस्था की सदस्य सुधा झा का कहना है ऐसा केवल अभिभावकों के दिमाग में स्कूल को नामी दर्शाने के लिए किया जाता है।





ऐसे स्कूलों पर होना चाहिए केस : फेडरेशन

फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल हरियाणा के महासचिव सुशील शर्मा का कहना है कि बिना मान्यता चलने वाले स्कूल मान्यता प्राप्त संस्थानों से मिलता जुलता नाम रख रहे हैं, तो ऐसे स्कूल संचालकों के खिलाफ केस होना चाहिए। विभाग को भी सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। इन स्कूलों में कोई सुविधा नहीं होती। केवल कमाई का साधन होते हैं। इससे नियम पूरे करने वाले स्कूलों की भी साख गिरती है। इन्हें नियम पूरे करके मान्यता लेनी चाहिए। यह बच्चों के भविष्य और सुरक्षा का मामला है।
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वर्जन

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अवैध रूप से चलने वाले स्कूलों की सूची में कई विद्यालयों के नाम नामी स्कूलों से मिलते जुलते हैं। यदि मान्यता प्राप्त विद्यालय इस पर आपत्ति जताएं तो कार्रवाई हो सकती है। क्योंकि यह किसी विद्यालय की साख का मामला है। अवैध रूप से चलने वाले जो स्कूल सही दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- रोहताश वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी
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