अवैध खनन से भरी ट्राली रोकने पर दो पुलिसकर्मियों पर डंडों और लाठी से हमला कर दिया गया। घटना में दोनों पुलिसकर्मी गंभीर रूप से जख्मी हो गये। आरोप है कि मारपीट करने के बाद आरोपी पुलिस का मोबाइल और एक हजार रुपये छीनकर फरार हो गये। पीड़ित पुलिसकर्मी की शिकायत के बाद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर धरपकड़ के लिए दबिश दी जा रही है।
पुलिस में दर्ज की गयी शिकायत के अनुसार माइनिंग विभाग के पुलिस कर्मचारी रेत चोरी रोकने के लिए क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। तभी गांव चंद्राव की तरफ से उन्हें एक रेत से भरी ट्राली आती दिखाई दी। कर्मचारियों ने ट्रॉली चालक को रोककर उसे रेत का बिल दिखाने के लिए कहा। इस पर चालक ने कहा कि इस रेत का कोई बिल नहीं है। यह रेत यमुना से अवैध रूप से लाया गया है। इस पर माइनिंग स्टाफ के कर्मचारियों ने उसे थाने में चलने के लिए कहा। इस दौरान गांव खेड़ा के करीब पहुंचने पर एक कार ने माइनिंग विभाग के कर्मचारियों का रास्ता रोक लिया और उन पर तलवारों ओर डंडों से हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले में पुलिसकर्मी प्रदीप और परमिंद्र को काफी गहरी चोटें आई हैं। पीड़ित ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि एक आरोपी ने हमला करने से पूर्व कहा कि अनवर इन कर्मचारियों को आज नहीं छोड़ेंगे। इन्होंने हमारी काफी ट्रालियां पकड़ी हैं। जिस पर दूसरा हमलावर बोला कि इंतजार आज इनको नहीं छोड़ेंगे। पुलिस ने पीड़ित प्रदीप की शिकायत पर अनवर और इंतजार सहित अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
गौरतलब है कि इंद्री क्षेत्र यमुना नदी से सटा हुआ है। यहां पर रेत चोरी की घटनाएं आम हो गयीं हैं। रात के अंधेरे और सुबह के उजाले में रेत चोरी का खेल सरेआम चलता है। सूत्रों की मानें तो शहर में धड़ल्ले से हो रहे अवैध खनन में पुलिस और प्रशासन पर भी सवाल उठते रहे हैं, लेकिन आज तक इसकी रोकथाम के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गयी है।
जल्द होगी आरोपियों की गिरफ्तारी
मामले में इंद्री थाना प्रभारी सतपाल सिंह का कहना है कि माइनिंग स्टाफ पर हमला करने के मामले में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। जल्द ही सभी आरोपी पुलिस की हिरासत में होंगे।-- सतपाल सिंह, थाना प्रभारी इंद्री।