संवाद न्यूज एजेंसी
घरौंडा (करनाल)। पुलिस प्रशासन की सख्ती के बाद भी यमुना नदी क्षेत्र में अवैध खनन का धंधा जारी है। अवैध खनन करने वाले माफियाओं ने यमुना क्षेत्र को आठ फुट गहराई तक खोद डाला है। घरौंडा क्षेत्र में करीब 13 किलोमीटर के दायरे में जगह-जगह अवैध खनन के निशान देखे जा सकते हैं। खनन विभाग के रिकॉर्ड में महज चार शिकायत अवैध खनन की दर्ज की गई हैं। वहीं, विभाग की ओर से खनन रेड स्पॉट भी चिह्नित किए गए हैं।
घरौंडा में यमुना क्षेत्र से लगे खेतों में खनन कार्य जारी है। पुलिस-प्रशासन की ओर से भी अवैध खनन करने वालों के खिलाफ सख्ती बरती जा रही है। इसके बावजूद माफिया सक्रिय हैं। खुलेआम खेतों से रेत निकाला जा रहा है। कहीं बड़े माफिया तो अधिकांश यमुना नदी क्षेत्र में खेती कर रहे लोग भी अपनी ट्रैक्टर ट्रालियों से रेत निकाल लाते हैं। अवैध खनन का यह कार्य अधिकतर रात को ही अंजाम दिया जाता है।
शुक्रवार को पुलिस प्रशासन की टीम ने नगला मेघा और बलेहड़ा के जंगलों में अवैध खनन करने के मामले में पांच लोगों पर मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया था। यहां किसान अपने ही खेत में खनन करवा रहा था। आरोपियों ने करीब पांच फुट तक की खुदाई की। क्षेत्र से करीब 21 हजार मीट्रिक टन से अधिक रेत निकाला गया, जबकि इनके पास खनन की अनुमति थी ही नहीं। पुलिस अवैध खनन करने वाले आरोपियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
हालांकि अभी अवैध खनन करने वाले बड़े माफिया पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। खनन विभाग ने नवंबर माह में बिना अनुमति के खनन करती चार गाड़ियों को जब्त किया था। 21 दिसंबर को उपायुक्त अनीश यादव ने भी अवैध खनन मामले पर बैठक करके विभिन्न अधिकारियों को अनाधिकृत खनन रोकने के आदेश दिए थे। इस समय यमुना में पानी कम होने के कारण बहाव सामान्य है। निचले क्षेत्र में एक ही धार सीधी चल रही है। शुक्रवार को पकड़ा गया अवैध खनन यमुना के पुल के सात मीटर आगे खेतों में किया जा रहा था।
जनवरी में बंद हो गया था खनन
घरौंडा के लालूपुर और फरीदपुर यमुनाक्षेत्र में रेत की खुदाई का टेंडर जय यमुना डेवलेपर्स को दिया गया। मानक के अनुसार कं पनी को पांच फुट तक की खुदाई की अनुमति दी गई। दो जनवरी 2023 को यमुनाक्षेत्र में खुदाई बंद कर दी गई, मगर अवैध खनन बंद नहीं हो सका। यमुनाक्षेत्र से डंफर और ट्रैक्टर ट्रॉली में जेसीबी से रेत निकाला गया। इस दौरान आठ फुट तक यमुना क्षेत्र की खुदाई कर दी गई। लालूपुर के जंगल में आरोपियों ने तीन किले जमीन में अवैध खनन कर रखा था।
अवैध खनन के रेड स्पॉट
विभाग के रिकॉर्ड में अवैध खनन के कुछ स्पॉट भी चिह्नित किए गए हैं। जिन पर टीम की ओर से कार्रवाई की जाएगी। इनमें चंद्राव, गढ़ टापू, मंगलौरा, बल्हेड़ा, गढी बरल लालूपुरा, मुंडी खेड़ी आदि गांवों के क्षेत्र शामिल हैं। जहां पर बिना अनुमति के खुदाई कर रेत निकालने की बात सामने आई है।
खनन विभाग के गार्ड का कहना है विभाग की ओर से लगातार कार्रवाई की जा रही है। दो जनवरी को यमुना क्षेत्र में खुदाई बंद कर दी गई थी। इस बीच करीब तीन से चार शिकायत अवैध खनन की मिली हैं। जिन पर कार्रवाई कर वाहनों को जब्त किया गया है।
पुलिस-प्रशासन की ओर से अवैध खनन को लेकर लगातार कार्रवाई की जा रही है। खेतों में किसान खुद ही अवैध खनन करा रहे हैं। वह अपने खेतों से रेत उठवा रहे हैं। जहां भी सूचना मिलती है टीम की ओर से कार्रवाई की जाती है। पांच लोगों के खिलाफ घरौंडा थाने में मामला दर्ज किया गया है।
- अदिति, एसडीएम