करनाल। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज करनाल में जल्द ही कैंसर पीड़ित मरीजों का इलाज संभव हो सकेंगा। इसको लेकर मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने अपनी अत्याधुनिक लैब की पैथालॉजी विंग में जल्द ही इम्यनो हिस्टी केमिस्ट्री (आईएचसी) जांच करने की कवायद शुरू कर दी है।
मेडिकल कॉलेज में आईएचसी टेस्ट शुरू हो जाता है तो कैंसर का इलाज करने वाले विशेषज्ञों को कीमोथैरेपी करने में बड़ी आसानी होगी। वहीं कैंसर के ट्यूमर में पाई जाने वाली असामान्य कोशिकाओं का इलाज संभव हो सकेंगा। जिससे सीधे तौर पर इसका फायदा कैंसर पीड़ित मरीजों को मिलेगा।
कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज करनाल के डायरेक्टर डॉ. मोहिंद्र कुमार गर्ग ने पैथालॉजी लैब में इम्यनो हिस्टी केमिस्ट्री (आईएचसी) टेस्ट शुरू करने के लिए हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) को 12 लैब टैक्नीशियन (एलटी) की मांग भेजी है। वहीं मेडिकल कॉलेज को 12 एलटी जल्द मिलने की उम्मीद है।
एलटी आने के बाद उन्हें एक माह की ट्रेनिंग के लिए रोहतक पीजीआईएमएस भेजा जाएगा। ट्रेनिंग से वापस आने के बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज की पैथालॉजी लैब में नियुक्त किया जाएगा। ये 12 एलटी सिर्फ इम्यनो हिस्टी केमिस्ट्री (आईएचसी) टेस्ट की करेंगे। संवाद
क्या है इम्यनोहिस्टी केमिस्ट्री टेस्ट
इम्यूनोहिस्टो केमिस्ट्री टेस्ट एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें किसी ऊतक के टुकड़े में मौजूद प्रोटीन यानी एंटीजन की पहचान की जाती है। इसका इस्तेमाल कैंसर के ट्यूमर में पाई जाने वाली असामान्य कोशिकाओं के निदान में किया जाता है। कैंसर की कोशिकाओं की सतह पर मौजूद हॉर्मोन रिसेप्टर्स की जांच के लिए भी आईएचसी का इस्तेमाल होता है।
वर्जन -
एचकेआरएन से 12 एलटी की डिमांड भेजी गई है। एलटी आने के बाद उन्हें रोहतक पीजीआईएमएस से ट्रेनिंग दिलवाकर पैथालॉजी लैब में नियुक्त किया जाएगा। जिससे कैंसर पीड़ित मरीजों को लाभ मिल सकेगा। - डॉ. एमके गर्ग, डायरेक्टर, केसीजीएमसी, करनाल।