संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। नगर निगम क्षेत्र में करीब 50 हजार उपभोक्ता ऐसे हैं, जो अवैध कनेक्शन के जरिये जलापूर्ति और सीवरेज व्यवस्था का उपयोग कर रहे हैं।
नगर निगम व जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से ऐसे उपभोक्ताओं को नोटिस जारी कर उन्हें कनेक्शन वैध कराने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। इसके अलावा पानी का बिल न भरने वाले 5613 बकायेदारों को नोटिस दिया गया है कि जल्द बिल नहीं भरा तो कनेक्शन काट दिया जाएगा।
जिला में नगर निगम सहित नगर पालिका क्षेत्र में अभी लोगों का दो करोड 92 लाख 17 हजार 256 रुपये का पानी का बिल बकाया है। निगम की ओर से ऐसे वाणिज्यिक संस्थानों जहां पर पानी का मीटर नहीं लगवाया गया है, उनसे 10 गुना बिल वसूला जा रहा है।
वहीं नगरपालिका क्षेत्र में जनस्वास्थ्य विभाग की टीम की ओर से ऐसे उपभोक्ताओं को चिन्हित कर नोटिस जारी किए जा रहे हैं जो गाड़ी धोने, गली में पानी के छिड़काव करने व अन्य व्यर्थ के कार्यों में पानी बर्बाद कर रहे। अभी तक छह नगरपालिकाओं सहित नगर निगम क्षेत्र में ऐसे लोगों को नोटिस दिए जा चुके हैं।
नोटिस में कहा गया है कि व्यर्थ में पानी बर्बाद किया तो विभाग की ओर से एक माह का अतिरिक्त बिल वसूला जाएगा। इसके बावजूद कोई पानी बेकार में बहाता है तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। नगर निगम क्षेत्र में करीब 39693 उपभोक्ताओं ने अपने घरों में पेयजल और सीवरेज के वैध कनेक्शन लिए हैं। इनमें 29167 उपभोक्ता ऐसे हैं, जिन्होंने कनेक्शन लेने के बाद मीटर भी लगवा लिए हैं।
10526 उपभोक्ता ऐसे हैं, जिन्होंने कनेक्शन तो ले लिया है, लेकिन मीटर नहीं लगवाए हैं। जिन कनेक्शन धारक के यहां मीटर लगे हैं, उन्हें सिर्फ 720 रुपये का वार्षिक बिल देना पड़ता है, वहीं जिन्होंने अभी तक मीटर नहीं लगवाए हैं, उन्हें 1440 रुपये सालाना बिल देना पड़ता है। इसी तरह शहरी क्षेत्र में वाणिज्यिक उपभोक्ता भी सैकड़ों हैं, इनमें भी जिन्होंने कनेक्शन लेकर मीटर लगवाए हैं, उनका पेयजल व सीवरेज का सालाना बिल मीटर रीडिंग के अनुसार 1500 रुपये है, जबकि जिन्होंने मीटर नहीं लगवाए हैं, उनका सालाना बिल 15 हजार रुपये आता है।