माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। नेशनल हाईवे-44 पर अब तेज गति से दौड़ने वाले वाहनों की रफ्तार कम करने के लिए एनएचएआई रोड मार्किंग और मनोवैज्ञानिक इफैक्ट का सहारा लेगा। विशेष रूप से हाईवे की 17 जगहों पर विशेष बॉक्स आकार की पट्टी बनवाई गई हैं। जिसके ऊपर से तेज रफ्तार वाहन निकलने पर वाइब्रेंट भी करेगा। साथ ही दूर से सड़क पर इस तरह के चौड़े बॉक्स बने देखकर चालक स्वत: ही गाड़ी को नियंत्रण में लेते हुए रफ्तार कम कर लेगा। इस तरह का प्रयोग हाईवे पर पहली बार होने जा रहा है।
उपायुक्त एवं सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष अनीश यादव के अनुसार, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा धुंध की शुरुआत होने से पहले ही शहर के 50 किलोमीटर क्षेत्र में प्रत्येक आइलैंड पर डेलिनेटर, हैजर्ड बोर्ड, ब्लिंकर, रात में बेहतर दृश्यता के लिए हाईवे पर रोड स्टड भी बनाए गए हैं। इन व्यवस्था के पूरा होने से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी। एनएचएआई के इंजीनियर भानू के अनुसार, जो नई बॉक्स आकार की रोड मार्किंग की गई है, इसमें प्रत्येक पट्टी का आकार भी अलग है। पहली के बाद से हर अगली पट्टी पांच एमएम चौड़ी रखी गई है। नेशनल हाईवे-44 पर 24 घंटे में 55 हजार से ज्यादा वाहन गुजरते हैं। साल में होने वाले हादसों में भी 50 प्रतिशत नेशनल हाईवे पर ही होते हैं।
एक सप्ताह पहले दिए थे निर्देश
उपायुक्त ने बताया कि सड़क सुरक्षा समिति की एक सप्ताह पहले हुई मासिक बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 से संबंधित प्रमुख मुद्दों पर कार्य करने के लिए एनएचएआई को निर्देश दिए थे। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा मात्र एक सप्ताह के अंदर ही अधिकांश कार्य पूरा कर दिया है। शेष स्थानों पर भी जल्द कार्य पूरा करवा दिया जाएगा ताकि धुंध के समय सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लग सकें। निर्मल कुटिया के पास निकासी प्वाइंट की मांग को भी पूरा कर दिया गया है।
सड़क सुरक्षा नियमों का करें पालन : उपायुक्त
उपायुक्त ने वाहन चालकों से अपील की कि वह सड़क सुरक्षा नियमों की दृढ़ता से अनुपालन करें। उन्होंने विशेष तौर से कहा कि वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग नहीं करें, शराब पीकर वाहन न चलाएं, गति सीमा को पार न करें, सीट बेल्ट का प्रयोग करें, ट्रैफिक सिग्नल का पालन करें और अपनी लेन में चलें।