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नहीं लगाया सोलर प्लांट तो कटेगा बिजली कनेक्शन

Mon, 06 Mar 2017 12:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल
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शिक्षण संस्थाओं, बड़े भवनों तथा पांच सौ वर्गगज या इससे अधिक क्षेत्रफल के भूखंड पर बने आवासीय भवन पर सोलर प्लांट न लगाने वालों का बिजली कनेक्शन काटा जाएगा। इस संबंध में उत्तरी हरियाणा बिजली निगम ने नोटिस जारी कर दिया है। जिसमें कहा गया है कि जो शिक्षण संस्थानों, बड़े भवनों तथा 500 गज या इससे अधिक के भूखंड के मालिकों ने अभी तक सोलर प्लांट नहीं लगाए हैं, उन्हें नोटिस दिया जाए। 31 मार्च तक अगर सोलर पावर प्लांट नहीं लगे तो बिजली कनेक्शन काट दिया जाए।
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विदित हो कि प्रदेश सरकार ने उत्तरी हरियाणा बिजली निगम को इस संबंध में पहले ही निर्देश दे दिया है। लोगों को जागरूक करने के लिए जिला स्तर पर अतिरिक्त उपायुुक्त ने कई बार शिक्षण संस्थानों व अन्य भवनों के मालिकों के साथ कई बार बैठक भी कर चुकी हैं। लेकिन लोगों पर इसका कोई फायदा नहीं हो रहा है। इसलिए अब प्रशासन ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। इस योजना में ऊर्जा संरक्षण अधिनियम 2001 का केंद्रीय अधिनियम 52 की धारा 18 द्वारा प्राप्त शक्तियों का प्रयोग कर अनुसूची में भवन व स्थापित किए जाने वाले सौर फोटोवोल टाइप विद्युत संयंत्र की क्षमता निर्धारित की गई है।

इन भवनों पर प्लांट लगाना अनिवार्य
नगर निगमों व स्थानीय निकायों, हरियाणा राज्य औद्योगिक अधि संरचना विकास निगम के सेक्टरों की सीमा के भीतर आने वाले 500 वर्ग गज या इससे अधिक आकार के भूखंड पर निर्मित सभी नए आवासीय भवनों में कम से कम एक किलोवाट या संबद्ध भार का 5 फीसदी जो भी अधिक हो। वह 30 किलोवाट या इससे अधिक संबद्ध भार वाले सभी निजी शैक्षणिक संस्थाओं, विद्यालयों, महाविद्यालयों, छात्रावासों, तकनीकी, व्यवसायिक शिक्षा संस्थानों व विश्वविद्यालयों इत्यादि में कम से कम 5 किलोवाट अथवा संबद्ध भार का 5 फीसदी या जो भी अधिक हो। 30 किलोवाट या संबद्ध भार वाले भवनों, कार्यालयों, सरकारी शैक्षणिक संस्थानों में कम से कम 2 किलोवाट अथवा संबद्ध भार का 5 फीसदी या जो भी अधिक हो।
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कुल लोड की 5 फीसदी हो संयंत्र की क्षमता
निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम, समारोह हाल, पर्यटन कॉम्लेक्स जिनका भार 50 किलोवाट से 1000 किलोवाट हो या उससे अधिक हो, वहां कम से कम 10 किलोवाट या कुल लोड का 5 फीसदी हो। इसके साथ ही 50 किलोवाट या 3 फीसदी, जो भी अधिक हो उतनी क्षमता के प्लांट स्थापित करने होंगे। समूह आवासीय समितियों, आवास बोर्ड द्वारा विकसित भूखंड जिनमें आधा से एक एकड़ में कम से कम 10 किलोवाट, एक एकड़ से अधिक दो एकड़ तक 20 किलोवाट, दो एकड़ से अधिक पांच एकड़ तक कम से कम 30 किलोवाट, पांच एकड़ से अधिक में कम से कम 40 किलोवाट क्षमता का संयंत्र स्थापित होगा। वहीं पांच एकड़ से अधिक में कम से कम 40 किलोवाट क्षमता का संयंत्र स्थापित करना होगा। 100 किलोवाट या इससे अधिक संबद्ध भार वाले सिंचाई विभाग के सभी वाटर लिफ्टिंग स्टेशन पर कम से कम 50 किलोवाट या संबद्ध भार का 3 फीसदी, जो भी अधिक हो उतनी क्षमता का संयंत्र स्थापित करना होगा।
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