माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। यदि आपकी कॉलोनी या घर के आगे से पीएनजी पाइपलाइन गुजर रही है तो जितनी जल्दी हो सके, कनेक्शन ले लीजिए। जिला प्रशासन की ओर से ऐसे मकानमालिकों के लिए पीएनजी कनेक्शन लेना अनिवार्य किया जा रहा है। ऐसे क्षेत्रों के लोगों के आने वाले समय में एलपीजी कनेक्शन बंद करने की प्रशासन योजना बना रहा है। ताकि गैस की किल्लत से निपटा जा सके और लोगों को घर पर ही पाइप के माध्यम से गैस उपलब्ध हो सके।
इस बारे में सोमवार को स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक अधिकारियों ने बैठक करके निर्णय लिया है। बैठक में वाणिज्यिक और औद्योगिक क्षेत्र में भी एलपीजी के कारण होने वाली दिक्कतों पर चर्चा की गई। निर्णय लिया है कि अगर ऐसे किसी उपभोक्ता के पास से पीएनजी की पाइपलाइन या उनके पास कनेक्शन नहीं है तो उन्हें 50 प्रतिशत तक एलपीजी मिल जाएगी। इसके लिए उन्हें पीएनजी से एनओसी लेनी होगी। इसके बाद उन्हें पीएनजी के लिए आवेदन भी करना होगा।
बैठक में केंद्र सरकार के उस निर्णय को भी सख्ती से लागू करने की सहमति बनी है कि जिन उपभोक्ताओं के पास पीएनजी और एलपीजी दोनों कनेक्शन हैं, ऐसे उपभोक्ताओं को पीएनजी ही दी जाएगी, इन्हें अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा। जिले में करीब 650 किलोमीटर पीएनजी की पाइपलाइन बिछी है। इसमें जिले के करीब 70 हजार लोगों के पास कनेक्शन हैं। हालांकि इनमें से अब सिर्फ 26 हजार लोगों के पास ही सक्रिय कनेक्शन हैं।
डीएफएससी मुकेश कुमार ने बताया कि पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय भारत सरकार की ओर से 14 मार्च को जारी अधिसूचना के अनुसार पाइप्ड प्राकृतिक गैस कनेक्शन और घरेलू एलपीजी दोनों ही कनेक्शन रखने वाला कोई भी व्यक्ति, घरेलू एलपीजी कनेक्शन नहीं रखेगा। किसी भी सरकारी तेल कंपनी से या उनके वितरकों के माध्यम से घरेलू एलपीजी सिलिंडरों का रिफिल नहीं करवा सकेगा। ऐसे व्यक्ति जिनके पास दोनों ही रूप में कनेक्शन हैं उनको अपने घरेलू एलपीजी कनेक्शन तत्काल वापस करने होंगे।
औद्योगिक इस्तेमाल के लिए मिलेगी 50 प्रतिशत एलपीजी
डीएफएससी मुकेश कुमार ने बताया कि अब सभी वाणिज्यिक और औद्योगिक एलपीजी उपभोक्ताओं को अपने शहर में लागू सिटी गैस वितरण प्राधिकरण के साथ पीएनजी के लिए आवेदन करना होगा। पीएनजी लेने के सभी आवश्यक कदम उठाने होंगे। केवल तभी वे कुल 50 प्रतिशत आवंटन से वाणिज्यिक एलपीजी प्राप्त करने के पात्र हो सकेंगे। इसके अतिरिक्त सभी को वाणिज्यिक गैस सिलिंडर मांग के साथ पीएनजी के क्षेत्रीय कार्यालय से एनओसी साथ लेकर आनी होगी। इसके लिए वे एचएसवीपी के सेक्टर पांच स्थित एससीओ 76 में इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड से बातचीत कर सकते हैं।
20 प्रतिशत कॉमर्शियल गैस में प्रवासियों को प्राथमिकता
प्रशासनिक अधिकारियों ने सरकार की ओर से तय किए 20 प्रतिशत कॉमर्शियल गैस के कोटे के वितरण पर भी चर्चा की। कोटे की गैस को सबसे पहले प्रवासी मजदूरों को वितरित किया जाएगा। चूंकि कॉमर्शियल सिलिंडर बड़े हैं तो सीधे सिलिंडर उन्हें नहीं दिया जा सकता। इसके लिए उन्हें छोटे पांच सिलिंडरों में गैस दी जाएगी या अन्य तरीके से गैस वितरित की जाएगी इसके लिए विचार-विमर्श किया जा रहा है लेकिन प्राथमिकता पर प्रवासियों को रसोई गैस उपलब्ध करवाना प्रशासन का लक्ष्य रहेगा।
- इसकी दूसरी बड़ी वजह से गैस की फुटकर में कालाबाजारी को रोकना भी रहेगा। कुछ लोग प्रवासियों के छोटे सिलिंडरों में कई गुणा कीमत पर गैस भर रहे हैं। सीधे गैस उन तक पहुंचेगी तो कालाबाजारी भी कम होगी।
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