माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शहर की डेयरियों को बाहर शिफ्ट करने की योजना पिंगली में जमीन खरीदने के 22 साल बाद भी लंबित है। जिसकी वजह से इनसे निकलने वाले वेस्ट से शहर की निकासी ठप होती जा रही है।
अब नगर निगम ने जिन लोगों को पिंगली में प्लॉट दिए गए थे, उनको नोटिस जारी कर सात दिन का अंतिम मौका दिया है। चेतावनी दी है कि अगर सात दिन में उन्होंने डेयरी को शिफ्ट नहीं किया तो वे शहर में चल रही उनकी डेयरी को सील करेंगे ही, साथ में पिंगली में डेयरी के लिए दिया गया प्लॉट और उसके जमा करवाए गए रुपये जब्त कर लेंगे। इसके लिए पिंगली में प्लॉट ले चुके 109 धारकों को नोटिस जारी किए गए हैं।
नगर निगम की ओर से शहर की डेयरियों को बाहर शिफ्ट करने के लिए 2003 में पिंगली में 131 बीघा जमीन खरीदी गई थी। 17 साल तक ये प्रोजेक्ट बेजान पड़ा रहा। पहली बार 2020 में इसकी सुध ली गई और प्लॉट आवंटन की तैयारी की गई। इस जमीन में से 131 प्लॉट काटे गए। जिसमें से फरवरी 2020 में ड्रॉ से केवल 79 का आवंटन हो सका।
इसके बाद 33, 29 और तीन प्लाॅटों का आवंटन किया गया। अब तक 144 प्लॉट दिए गए हैं। इनमें से केवल 35 ने ही डेयरियों को शिफ्ट किया है। बाकी 21 ने डेयरी की इमारत का निर्माण तो कर लिया लेकिन शहर से डेयरी वहां शिफ्ट नहीं की। इनके अलावा बाकी बचे 88 प्लॉट खाली ही पड़े हैं। इसी माह विधायक जगमोहन आनंद ने भी निगम अधिकारियों को डेयरियों को बाहर शिफ्ट करवाने की चेतावनी दी थी। इसके बाद निगम अधिकारियों ने 22 साल से लंबित इस प्रोजेक्ट पर काम करना शुरू कर दिया। सभी प्लॉट और उनके मालिकों का रिकॉर्ड निकाला गया।
मौके पर जाकर वेरिफिकेशन की गई कि इनमें से कितने प्लॉट पर निर्माण हो चुका है, कितनी डेयरी शिफ्ट हो चुकी हैं और कितने प्लॉट फिलहाल भी खाली हैं।