- केंद्रीय मंत्री ने 200 से अधिक लोगों की सुनीं फरियाद, 20 का मौके पर किया निस्तारण
- बोले मनोहर, करनाल लोकसभा क्षेत्र की सभी नौ विधान सभा क्षेत्रों में करेंगे जनसंवाद
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। सांसद बनने के बाद केंद्रीय उर्जा, आवास एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने शनिवार को अपने संसदीय क्षेत्र करनाल में पहला जनसंवाद किया। जिसमें पंजीकरण तो 81 ने ही कराया था लेकिन उन्होंने करीब 200 से अधिक लोगों से मिलकर उनकी फरियाद सुनीं। हर शिकायत पर उन्होंने उपायुक्त उत्तम सिंह व पुलिस अधीक्षक मोहित हांडा के माध्यम से संबंधित विभाग के अधिकारियों को बुलाकर जानकारी ली। कई अधिकारियों पर नाराजगी भी दिखाई।
उन्होंने आदेश दिए गए कि लोगों की समस्याओं को गंभीरता और प्राथमिकता के आधार पर सुनने के बाद मौके पर समाधान करें। यदि किसी स्तर पर कमी पाई गई तो संबंधित अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।
लोगों ने राज्य सरकार के करीब 20 विभागों से संबंधित शिकायतों के साथ-साथ प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय से संबंधित अपना कार्य करवाने की फरियाद रखी। करीब 20 शिकायतों को मौके पर निस्तारित कराया, शेष को अफसरों को देकर गंभीरता से जांचकर निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वह लोकसभा क्षेत्र के हर विधान सभा क्षेत्र में ऐसे जनसंवाद करेंगे।
केंद्रीय मंत्री सुबह 11 बजे लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में पहुंच गए। उन्होंने सीधे जनसंवाद के मंच पर जाकर शिकायतें सुननी शुरू कर दी। करीब दो घंटे तक लगातार शिकायतें सुनीं। यहां सुबह से ही शिकायतकर्ताओं का पंजीकरण किया जा रहा था।
उन्होंने कहा कि अब करनाल लोकसभा क्षेत्र की सभी नौ विधानसभा क्षेत्रों में जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मौके पर भाजपा के जिलाध्यक्ष योगेंद्र राणा, घरौंडा के विधायक हरविंद्र कल्याण, इंद्री के विधायक रामकुमार कश्यप, पूर्व विधायक बख्शीश सिंह विर्क, पूर्व विधायक भगवानदास कबीरपंथी, निवर्तमान मेयर रेनू बाला गुप्ता, मुख्यमंत्री के ओएसडी संजय बठला, निर्वतमान सीनियर डिप्टी मेयर राजेश अग्गी, निवर्तमान डिप्टी मेयर एडवोकेट नवीन कुमार, सुखविन्द्र सिंह आदि मौजूद रहे। संचालन उपायुक्त उत्तम सिंह ने किया।
किस विभाग की कितनी आईं शिकायतें
जन संवाद में 81 लोगों ने अपनी समस्याओं का पंजीकरण करवाया था। इसमें पुलिस अधीक्षक कार्यालय से संबंधित 19, आईजी ऑफिस से संबंधित एक, सीएमसी करनाल विभाग की पांच, डीडीपीओ विभाग की नौ, निदेशक एचकेआरएन की तीन, बिजली विभाग की छह, लोक निर्माण विभाग, एडीसी कार्यालय, शिक्षा विभाग, डीडीपीओ कार्यालय, एसडीएम करनाल, डीसीडब्ल्यूओ, ऊर्जा विभाग, डीटीपी से संबंधित एक-एक शिकायत, उपायुक्त कार्यालय व सिंचाई विभाग की तीन-तीन, एचएसवीपी की छह, जिला राजस्व विभाग की तीन, स्वास्थ्य विभाग की दो, नगर निकाय की दो सहित अन्य विभागों की शिकायतें शामिल हैं। शहर के एक कैंसर पीड़ित बुजुर्ग ने केंद्रीय मंत्री से लीवर ट्रांसप्लांट
के लिए आर्थिक मदद की गुहार लगाई। उसने कहा कि इसमें 12-13 लाख का खर्च डॉक्टर बता रहे हैं, इतने पैसे उसके पास नहीं है, केंद्रीय मंत्री ने उसे आश्वस्त किया कि उसकी हर संभव मदद की जाएगी। अमृतपुर के नरेंद्र ने केंद्रीय मंत्री से मिलकर प्रार्थना पत्र दिया, जिसमें बताया कि अमृतपुर, कैरवाली आदि कुछ गांवों के किसानों की 16660 बीघा जमीन है, जिसमें 300 किसानों की जमाबंदी नहीं मिल रही है। असंध के अंजू ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि पिछले 22 जून को सड़क हादसे में उसके इकलौते
बेटे की मृत्यु हो गई थी, लेकिन पुलिस इस मामले में कार्रवाई नहीं कर रही है। दर्ज एफआईआर भी दिखाई। केंद्रीय मंत्री ने पुलिस को एफआईआर पर कार्रवाई
कराने के निर्देश एसपी को दिए हैं।
क्या बोले फरियादी
बड़ौदा गांव निवासी बलबीर ने केंद्रीय मंत्री से मिलने के बाद बताया कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री को बताया कि उसका एक केस तीन साल से चल रहा है। 2020 में एक सड़क हादसे में उनकी पत्नी की मौत हो गई थी लेकिन सिटी थाने में इस मामले पर जांच नहीं की जा रही है। जिस पर केंद्रीय मंत्री ने एसपी को निर्देशित करके मामले में कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। अब कार्रवाई की उम्मीद है।
असंध निवासी अंजू ने बताया कि उसने जनसंवाद में केंद्रीय मंत्री के सामने समस्या रखी कि 22 जून को हुए सड़क हादसे में उसके इकलौते बेटे की मृत्यु हो गई थी। वही कमाने वाला था लेकिन पुलिस इस मामले में कार्रवाई नहीं कर रही है। केंद्रीय मंत्री को दर्ज एफआईआर की प्रति भी दिखाई है।