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Karnal News: चालान के बाद सड़क पर चलता मिला तो जब्त होगा पुराना वाहन

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- पहली बार पकड़े जाने पर कटेगा 10 हजार का चालान, एनसीआर से बाहर चलाने का शपथपत्र भी देना होगा
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- प्रदूषण बढ़ने पर परिवहन विभाग ने की सख्ती, तीन माह में 142 वाहनों पर कार्रवाई



माई सिटी रिपोर्टर

करनाल। एनसीआर में निर्धारित समय सीमा पूरी कर चुके वाहनों पर अब कार्रवाई सख्त हो गई है। पहली बार पकड़े जाने पर परिवहन विभाग की ओर से केवल चालान किया जा रहा है। यदि इसके बाद भी वही वाहन सड़क पर चलता मिलेगा तो उन्हें जब्त किया जाएगा। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए परिवहन विभाग ने यह फैसला लिया है।

पिछले दिनों प्रदूषण बढ़ने के बाद लगातार हुई कार्रवाई में परिवहन विभाग ने ऐसे 142 वाहनों पर शिकंजा कसा। जिनके 10-10 हजार रुपये के चालान भी किए गए। साथ ही वाहन मालिक से शपथपत्र भी लिया गया कि वे अपने इस वाहन को एनसीआर क्षेत्र में नहीं चलाएगा। अब यदि दूसरी बार यही वाहन सड़क पर चलता मिलेगा तो इसे जब्त किया जाएगा। विदित हो कि एनसीआर क्षेत्र में 10 साल पुराने डीजल वाहन और 15 साल पुराने पेट्रोल के वाहन चला नहीं सकते। करनाल एनसीआर क्षेत्र में आता है, ऐसे में प्रदूषण बढ़ने पर परिवहन विभाग की ओर से ऐसे वाहनों पर भी कार्रवाई की जाती है।
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करनाल एनसीआर में प्रतिबंधित किए गए वाहनों को चलते हुए पकड़ा जा रहा है। वर्जित वाहन पकड़े जाने पर चेकिंग टीम के साथ वाहन चालक झगड़ा करते हैं। आमजन कहता है कि घरौंडा क्षेत्र तक ही एनसीआर है, जबकि अधिकारियों की तरफ से समझाया जाता है कि करनाल जिले का एक-एक कोना तक एनसीआर में है। ऐसे में समय सीमा पूरी कर चुके वाहन एनसीआर क्षेत्र में नहीं चल सकते, उनकी एनओसी लेकर दूसरे जिले (कैथल, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र) की तरफ पंजीकरण करवा रहे हैं। लेकिन वहां वाहन रजिस्टर्ड करवाकर उनका संचालन करनाल जिले में ही रख रहे हैं। तो जांच के दौरान ऐसे वाहन पकड़ में आते हैं।
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करनाल जिले का पूरा क्षेत्र एनसीआर में है। यहां पर 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल के वाहन नहीं चला सकते। जांच के दौरान एनसीआर में वर्जित वाहन पकड़े जा रहे हैं। जिन पर परिवहन विभाग के नियमों के तहत कार्रवाई की जा रही है। अब तक 142 वाहनों पर शिकंजा कसा जा चुका है।
- विजय देसवाल, जिला परिवहन अधिकारी
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