डीसी बलराज सिंह ने कहा कि शहर में कितने भी विकास कार्य क्यों न हो रहे हों, यदि जगह-जगह गंदगी के ढेर पड़े हैं तो ऐसे में विकास कार्यों का कोई महत्व नहीं रह जाता।
अधिकारियों को चाहिए कि वे शहर के गंदगी वाले क्षेत्र का चयन करके वहां प्रतिदिन सफाई का निरीक्षण करें तथा वहां के पार्षद की भी सुनें। उन्होंने कहा कि पॉलीथिन की सफाई के लिए शहर में समय-समय पर विशेष अभियान चलाएं। जो विकास कार्य चल रहे हैं, उन्हें शीघ्र पूरा करें।
डीसी शुक्रवार को अपने कार्यालय नगर निगम के अधिकारियों की बैठक ले रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे हर विकास कार्य को प्रतिदिन चेक करें। विकास कार्यों के लिए लोगों की शिकायत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारी नगर निगम की छवि को अपनी छवि मानकर कार्य करें।
डीसी ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी विकास कार्य में प्रयोग होने वाली सामग्री की गुणवत्ता की कमी को सहन नहीं किया जाएगा। जहां भी विकास कार्य चल रहा है, उस क्षेत्र के लोगों को कोई दिक्कत न हो। यदि वहां पर नाला बनाया गया है तो पहले ही वहां साइन बोर्ड लगा दें ताकि लोग सावधान हो सकें। हर विकास कार्य तय समयावधि में हो।
उन्होंने कहा कि ऐसे विकास कार्य हों कि सरकार व प्रशासन की बदनामी न हो। किसी भी विकास कार्य के लिए शहर की जनता को कहना न पड़े, बल्कि स्वयं अधिकारी लोगों की जरूरत के अनुसार उसे करवाने में तत्परता दिखाए।
अवैध निर्माण पर डीसी हुए सख्त
डीसी ने कहा कि नगरनिगम के क्षेत्र में अवैध निर्माण न हो। नगरनिगम के पास सब शक्तियां है तो अवैध कब्जे क्यों हो रहे हैं। इसके लिए अधिकारियों को ईमानदार व सख्त होने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सड़कों की डिवाइडरों पर काफी रेत जमा है, शीघ्र ही इसकी सफाई करवाई जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जो नगरनिगम की रिकवरी है उसे शीघ्र पूरा किया जाए। यदि कोई व्यक्ति रिकवरी देने में कोताही बरतता है तो उसे नोटिस दिया जाए।
तीन सौ टेंडर दिए, 60 पर काम
बैठक में नगर निगम के कार्यकारी अभियंता रमेश मढान ने बताया कि शहर में करीब 300 विकास कार्यों के लिए टेंडर किए गए थे। आचार संहिता के कारण कुछ टेंडर नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि टेंडर होने पर शीघ्र ही करीब 60 विकास कार्यो पर काम शुरू हो जाएगा। इस अवसर पर सीटीएम डीआर कैरों, नगरनिगम सचिव विनोद नेहरा, सभी एमई व जेई उपस्थित रहे।