किसानों को जिस बात का डर था, वहीं हुआ। गुरुवार शाम को आसमान में छाए बादल कहर बनकर बरसे। बारिश के साथ करीब दो मिनट तक पड़े छोटे ओले से फसल खेतों में ही बिछ गई। ओले और तेज हवा के कारण कई जगहों पर सरसों की फली टूट गयी तो गेहूं के पौधे खेतों में लेट गए। जिले के सीमावर्ती गांवों में ज्यादा नुकसान बताया जा रहा है। इस दौरान जिले में करीब 2 एमएम बारिश दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 11 मार्च तक इसी तरह का मौसम रहेगा। शाम करीब पांच बजे के बाद आसमान में घने काले बादल छाने लगे। करीब बीस मिनट बाद 50 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चली आंधी और बारिश के साथ ओले पड़ने लगे। करीब दो मिनट तक पड़े ओले और आंधी के कारण खेतों में खड़ी फसल गिर गई। किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान करनाल, असंध और घरौंड़ा में हुआ। मौसम के इस कहर से किसान सकते में हैं। किसान मेवा सिंह, अजय कुमार, सुलतान सिंह, सूबे सिंह आदि ने कहा कि, मौसम में यह बदलाव हमारी मेहनत पर भारी पड़ रही है। अगर इसी तरह को मौसम रहा तो किसानों को भारी नुकसान को सामना करना पड़ेगा। कृषि वैज्ञानिकों ने भी मौसम पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि यह मौसम फसलों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। गुरुवार को बारिश के साथ चली तेज हवा और ओले पड़ने से फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। हालांकि अब तक कितना नुकसान हुआ इसका आंकलन नहीं किया गया है। वहीं मौसम वैज्ञानिकों ने कहा कि अभी मौसम इसी तरह का बना रहेगा, 11 मार्च तक फिर से बारिश के साथ ओले पड़ सकते हैं। इसलिए किसान सावधान रहें। बता दे कि इस बार जिले में 1.72 लाख हेक्टेयर में गेहूं की फसल है।