मेरा कान्हा से 15 साल का अटूट नाता, बच्चों को भी सेवा के लिए कर रहीं प्रेरित
मैं 15 वर्षों से कान्हा (लड्डू गोपाल) की सेवा कर रही हूं। कान्हा की सेवा करना मेरी दिनचर्या का अहम हिस्सा है। सुबह कान्हा जी को भोग लगाने के बाद ही घर के सभी सदस्य भोजन ग्रहण करते हैं। जब कभी मुझे बाहर जाना होता है तो परिवार के अन्य सदस्यों को कान्हा की सेवा के लिए बोलकर जाती हूं। ऐसे मौकों पर अपने हाथों से कान्हा की सेवा न कर पाने का मन में मलाल भी रहता है। बाहर से घर लौटने पर कान्हा से खूब दुलार करती हूं। सेवा के साथ कान्हा से बातें भी करती हूं। इस दौरान कई बार भावुक क्षण भी आए। इस तरह मेरा 15 वर्षों से कान्हा से एक भाई व बेटे के जैसा नाता जुड़ा हुआ है। कान्हा की सेवा करते बार-बार वृंदावन भी याद आता है। वहां जाकर मन कथाओं व प्रवचनों में लगता है। यह सब श्रीकृष्ण जी की कृपा से संभव हो पा रहा है। मैं अपने बच्चों को भी कान्हा की सेवा के लिए प्रेरित कर उनको संस्कारवान बनाने का प्रयास कर रही हूं।
कविता शर्मा, हरियाबांस गांव