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Karnal News: बेहतर भविष्य के अवसर के लिए उमड़े सैकड़ों विद्यार्थी

Mon, 10 Nov 2025 01:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
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करनाल।
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अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा-2025 के लिए विद्यार्थियों का जबरदस्त उत्साह रहा। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से रविवार को रेलवे रोड स्थित एसडी कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित परीक्षा में 658 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। उत्साह के साथ पहुंचे। परीक्षा संपन्न होने के बाद खिले चेहरों के साथ केंद्र से बाहर निकले। विद्यार्थियों ने कहा कि अमर उजाला की ओर से मिलने वाली छात्रवृत्ति से वे अपने भविष्य को बेहतर बनाने का प्रयास करेंगे। अच्छी शिक्षा हासिल करने में आर्थिक बाधा नहीं आएगी।

परीक्षा केंद्र में कक्षा 9 से 12वीं तक के 1385 विद्यार्थियों के लिए व्यवस्था की गई थी। रेलवे रोड पर स्थित केंद्र के बाहर भीड़ जमा रही। बड़ी संख्या में अभिभावक विद्यार्थियों को लेकर पहुंचे। विद्यार्थियों ने कहा कि परीक्षा से उनको नई ऊर्जा मिली है। परीक्षा में केंद्र अधीक्षक की भूमिका स्कूल प्रिंसिपल डॉ. कीर्ति शर्मा ने निभाई। परीक्षा के बेहतर आयोजन में स्कूल कोऑर्डिनेटर एवं शिक्षक सुमन व एसडी कन्या स्कूल के स्टाफ का विशेष सहयोग रहा।
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कोई पहली तो कोई तीसरी बार हुआ शामिल
अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा में कई विद्यार्थी पहली बार तो कोई दूसरी व तीसरी बार शामिल हुए। परीक्षा केंद्र पर सुबह 9:30 बजे ही विद्यार्थी पहुंचना शुरू हो गए थे। 10:30 बजे सभी के प्रवेशपत्र चेक कर उन्हें सीटिंग प्लान के अनुसार कमरों में बैठाया गया। सुबह 11 बजे परीक्षा शुरू हुई। डेढ़ घंटे की परीक्षा में विद्यार्थियों से गणित और सामान्य ज्ञान समेत अन्य विषयों के प्रश्न पूछे गए। उन्होंने ओएमआर शीट पर उत्तर दिए।



परीक्षा के बाद चला सवालों पर चर्चा का दौर

परीक्षा संपन्न होने के बाद विद्यार्थियों ने समूह में सवालों पर चर्चा की। कई स्कूलों से विद्यार्थी पहुंचे थे। कई विद्यार्थी सहपाठी थे तो कई पुराने दोस्त परीक्षा केंद्र पर आकर मिले। परीक्षा से पहले तो हाल-चाल जाना ही बाद में सेल्फी लेकर पलों को यादगार बनाया। कुछ विद्यार्थी केंद्र पर सुबह जल्दी पहुंच गए थे। केंद्र के बाहर बैठकर वह तैयारी करते रहे। कोई किताब और अखबार पढ़ रहा था, तो कोई मोबाइल पर करंट अफेयर की जानकारी ले रहा था।



जीवन बनाने का आधार : प्रिंसिपल

केंद्र अधीक्षक एवं स्कूल प्रिंसिपल कीर्ति शर्मा ने कहा कि जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए ये छात्रवृत्ति जीवन बनाने का आधार बनेंगी। इस तरह की परीक्षा में हिस्सा लेकर विद्यार्थियों को काफी कुछ नया सीखने को मिलता है। हमें इस बात की भी खुशी है कि विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य और अमर उजाला की इस पहल में एसडी स्कूल प्रबंधन भी सहयोगी बना है।

छात्रवृत्ति परीक्षा कोट्स

अपनी शिक्षा का खर्च उठाएंगी
नरु खेड़ी से परीक्षा देने आईं अंशी शर्मा ने बताया कि उन्होंने पहली बार अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा दी है। पिता डीसी रेट पर काम करने वाले कर्मचारी हैं। कई बार शिक्षा का खर्च निकालना मुश्किल हो जाता है। सफल होती हैं तो शिक्षा पर होने वाले खर्च में आसानी होगी। वह भविष्य में इंजीनियर बनना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि परीक्षा में काफी सरल प्रश्न आए थे। यदि रोजाना अखबार पढ़ा जाए तो परीक्षा में सफल हो सकते हैं।
सामान्य ज्ञान के प्रश्न सरल
पानीपत से परीक्षा देने आई बिंदु पांचाल ने बताया कि उनके पिता एक किसान हैं। वह ग्यारहवीं कक्षा में हैं। भविष्य में आईएएस अधिकारी बनना चाहती हैं। इसके लिए वह अभी से तैयारी में जुटी हैं। पढ़ाई को बेहतर कर रही हैं। पिता का साथ देने व परिवार के लिए मजबूत सहारा बनने के लिए अच्छी शिक्षा प्राप्त करनी जरूरी है। छात्रवृत्ति से इसमें सहयोग मिलेगा। उन्होंने बताया कि परीक्षा में सामान्य ज्ञान के प्रश्न काफी सरल थे।
उच्च शिक्षा के लिए उपयोग
अरुण कटारिया ने बताया कि वह दूसरी बार परीक्षा देने के लिए पहुंचे हैं। पहली बार परीक्षा में कुछ अंकों से चूक गए थे। पिता सामान्य कर्मचारी है और मां गृहिणी हैं। परीक्षा देने का मुख्य उद्देश्य यही रहता है कि उसे अच्छे अंकों से पास किया जाए। इस बार भी पूरी उम्मीद है कि वह परीक्षा में सफल रहेंगी। यदि वह सफल होते हैं तो छात्रवृत्ति का उपयोग बारहवीं के बाद किसी अच्छे कॉलेज में दाखिला लेने में करेंगें।
दो हफ्ते के दौरान तैयारी
नैंसी ने बताया कि उन्होंने पहली बार परीक्षा दी। परीक्षा फॉर्म ऑनलाइन देखा। परीक्षा को पास की तो छात्रवृत्ति का उपयोग बेहतर शिक्षा के लिए करेंगे। छात्रवृत्ति मिलती है तो आर्थिक कारणों से बेहतर शिक्षा प्राप्त करने में दिक्कत नहीं आएगी। परीक्षा की तैयारी दो हफ्ते पहले ही करनी शुरू की थी। काफी प्रश्न सामान्य ज्ञान से थे। विद्यार्थी केवल अखबार को रोजाना पढ़ेंगे तो परीक्षा को पास करना सरल होगा।
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गणित के प्रश्न रहे कठिन
तनीषा ने बताया कि वह हमेशा किसी भी प्रकार की छात्रवृत्ति की परीक्षा को देने से कतराती नहीं। इन परीक्षाओं को देने से एक छात्र के जीवन की नींव को मजबूती मिलती है। उन्होंने बताया कि अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा उन्होंने पहली बार दी है। परीक्षा में काफी सरल प्रश्न आए थे। हालांकि गणित के प्रश्नों को हल करने में मुश्किल आई। वह अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई कर रही हैं। प्रश्न शुद्ध हिंदी में थे। समझने में कठिनाई हो रही थी।
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