माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। विकास क्लब भवन में मासिक सांझा विरासत का कार्यक्रम हुआ। इस दौरान रचनाकारों ने सामाजिक बुराइयों पर कड़े प्रहार किए। इसके साथ ही युवाओं को उच्च शिक्षित बन राष्ट्र के निर्माण में अहम योगदान देने के लिए प्रेरित किया। राजन गांधी ने कहा कि जैसे-जैसे बड़ा हो रहा हूं, घर की जिम्मेदारियां समझने लगा हूं। सचिन पाल दिवाना ने कहा कि महोब्बत के चिराग आखिर कब तक बुझाओगे, कभी मिटते नहीं कब तक मिटाओगे।
क्लब के संरक्षक संत प्रेम पाल सागर ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। मुख्य अतिथि हरबंस लाल पथिक व विशिष्ट अतिथि अशोक वशिष्ट ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरूआत की। रामेश्वर देव ने कहा कि तूफां कोई अब तो उठाया न जाएगा, रोशन कोई चिराग बुझाया ना जाएगा। अंशुल राणा ने कहा अम्र हमें क्या दे पाएगी हथियारों की आधी दौड, मुल्कों मुल्कों भटकाएगी हथियारों की आधी दौड़। कपिल शर्मा ने कहा कल कभी आता नहीं, आज कभी जाता नहीं। दिलबाग सिंह ने कहा मैं जान पहचान करने आया हूं, मुश्किलें आसान करने आया हूं। वरिष्ठ साहित्यकार अशोक वशिष्ट ने कहा कि जब तक हवाओं में, मौसम बेजुबां होगा, होठों पे हंसी होगी दिल में धुआं होगा। हरबंस पथिक ने कहा कि दिल का टूट जाना तो लाजमी था, मोहब्बत थी मगर वफा कम थी। मंच संचालन अश्विनी शर्मा ने किया।
इस दौरान अश्विनी शर्मा, प्रेमपाल सागर, डॉ. एसके शर्मा, अंजू शर्मा, भारतीय सद्भावना संघ के प्रधान राजपाल ने अपने विचार रखे। इस अवसर पर कपिल शर्मा, गुरमीत, प्रवीण सलार, बलराज मैहला, मामराज पाल, विकास क्लब के प्रधान परविंदर भाटिया, अंशुल राणा और अजय मौजूद रहे।