गांव भैणी कलां के प्रेमी युगल मनोज-किरण की मौत के मामले में बड़ा खुलासा
हुआ है। दोनों की मौत जहर खाने की वजह से हुई थी। जहर खाने के बाद मनोज
कुरुक्षेत्र के दो अस्पतालों में भर्ती रहा, जबकि किरण को उसके परिजनों ने
अस्पताल में दाखिल ही नहीं कराया।
शुक्रवार को थाना तरावड़ी पुलिस ने इस
मामले में तीन लोगों की गिरफ्तारी दिखाई है, जिसमें किरण के पिता रणधीर
सिंह, मनोज का भाई संदीप उर्फ संजू और मनोज के मौसेरे भाई धर्मवीर शामिल
हैं। इनसे पूछताछ में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है।
इसके बाद पुलिस अब
कुरुक्षेत्र के एक गेस्ट हाउस और दो अस्पतालों से सैंपल लेगी, जिसका मिलान
हड्डी और डीएनए के सैंपल के साथ किया जाएगा। बताया जा रहा है कि मंगलवार
सुबह मनोज-किरण अपने गांव से भागकर कुरुक्षेत्र पहुंचे। वहां उन्होंने
रेलवे स्टेशन के पास स्थित एक गेस्ट हाउस में कमरा लिया और शाम तक वहीं
रूके। दोनों के परिजनों ने उन्हें वहीं से पकड़ा।
पूछताछ
में खुलासा हुआ है कि मनोज और किरण की मौत जहर खाने से हुई है, लेकिन यह
जहर उन्हें परिजनों ने दिया या खुद खाया, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।
मनोज को कुरुक्षेत्र के दो अस्पतालों में भर्ती कराया गया। वह 25 मिनट अपना
अस्पताल और करीब तीन घंटे बालाजी आरोग्य अस्पताल में भर्ती रहा। पुलिस ने
गेस्ट हाउस और दोनों अस्पतालों में पूछताछ की है। किरण को किसी भी अस्पताल
में भर्ती नहीं कराया गया, बल्कि इसे ज्योतिसर ले गए, जहां किरण की बुआ
रहती है।
पुलिस ने चिताओं से मनोज और किरण की हड्डियों के सैंपल लिए
थे, जिन्हें जांच और डीएनए टेस्ट के लिए फोरेंसिक साइंस लैब भेजा गया है।
पुलिस का कहना है कि दोनों अस्पतालों से वह अब मनोज की लार के सैंपल लेगी।
दोनों अस्पतालों के डाक्टरों से इस बारे में बातचीत हुई है। उन्होंने लार
के सैंपल संभालकर रखे हैं।