संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। सेक्टर 17 थाना क्षेत्र के निजी होटल में युवक से चेकिंग के नाम पर अवैध वसूली करने के मामले में गिरफ्तार आरोपी होमगार्ड ऊंचा चांदना निवासी कमल को कोर्ट से जमानत मिल गई। उनकी ओर से अधिवक्ता ऋषि सहगल ने पैरवी की। उन्होंने बताया कि कमल के फोन पे अकाउंट में रुपये भेजे गए थे। इस एप्लीकेशन में रुपये भेजने के लिए किसी तरह की सहमति की जरूरत नहीं होती। आज के समय में नंबर भी पता करना कोई बड़ा काम नहीं होता। इन दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने कमल को जमानत दे दी है।
ये है मामला
उत्तर प्रदेश के बागपत के गांव कनौर कलां निवासी सुमित सरोहा यहां छछरौली में रायल्टी में काम करता है। 24 जनवरी की रात को वह सेक्टर 17 स्थित एमएम होटल में रूका हुआ था। यहां पर उसने अपनी आईडी देकर कमरा लिया हुआ था। कमरे के अंदर वह शराब पी रहा था। तभी वहां पर इंस्पेक्टर सहित तीन पुलिसकर्मी व एक सादे कपड़ों में व्यक्ति पहुंचे थे। उसके कमरे में घुस आए थे। कमरे में घुसते ही उसे गालियां दी और थप्पड़ मारे। इसी दौरान एक पुलिसकर्मी ने उसकी वीडियो बनाई और उसे डराया व धमकाया था। बाद में उनमें से एक ने सुमित से कहा कि यदि बचना चाहते हो तो वह सेटलमेंट करा देगा। पुलिसकर्मियों ने उससे 40 हजार रुपये मांगे लेकिन सुमित के पास दस हजार रुपये नकद थे जो उसने नकद दे दिए। फिर दस हजार रुपये ऑनलाइन फोन पे के माध्यम से दिए। इस घटना का वीडियो भी वायरल हुआ था। जिसके बाद ही पुलिस ने मामले में केस दर्ज किया।