संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। दवा मिलने की आस में रोजाना हरियाणा एड्स कंट्रोल सोसायटी के धरनास्थल पर एचआईवी मरीज पहुंच रहे हैं। मरीजों का कहना है कि वे धरनास्थल पर आने से पहले एआरटी सेंटर में गए थे वहां पर दवा नहीं मिलने के बाद ही वे यहां पहुंचे हैं।
हरियाणा एड्स कंट्रोल सोसायटी के प्रदेशभर के 492 कर्मचारी तीन सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। सोमवार को हड़ताल का पांचवां दिन रहा। पिछले पांच दिनों से एआरटी सेंटर से एचआईवी मरीजों को दवा नहीं मिल रही है। दवा न मिलने से परेशान एचआईवी मरीज सिविल सर्जन कार्यालय में चल रहे हरियाणा एड्स कंट्रोल सोसायटी के धरनास्थल पर पहुंच रहे हैं और दवा लेने के लिए कर्मियों से गुहार लगा रहे हैं।
सोमवार को भी धरनास्थल पर तीन एचआईवी मरीज पहुंचे। जिन्होंने बताया कि वे रूटीन से दवा लेते हैं। जब वे दो अगस्त को नागरिक अस्पताल पहुंचे तो एआरटी सेंटर पर कोई नहीं मिला। काफी देर बैठने के बाद वे घर चले गए। सोमवार को जब वे एआरटी सेंटर पहुंचे तो वहां से पता चला कि हड़ताल के कारण दवा नहीं मिल रही है। इसके बाद ही वे धरनास्थल पर पहुंचे हैं।
विभाग का दावा प्रत्येक मरीज को मिल रही दवा
विभाग के डाॅक्टर व अधिकारी प्रत्येक एचआईवी मरीज को दवा एआरटी से देने का दावा कर रहे हैं। अगर विभाग के डॉक्टरों का दावा सही है तो एचआईवी मरीज पहचान उजागर होने का जोखिम उठाकर धरनास्थल पर क्यों पहुंच रहे हैं।
ये हैं मुख्य मांगें -
- हरियाणा स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी के सभी कर्मचारियों को एनएचएम की तर्ज पर सर्विस बायलाॅज मिले।
- सभी एड्स कंट्रोल कर्मचारियों को अन्य राज्यों की तर्ज पर स्टेट शेयर दिए जाए।
- कर्मचारियों की लंबित फाइल की शर्तों को तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए।