विश्व हिंदू परिषद की ओर से हिंदू समाज को जागरूक करने के लिए रविवार को श्री दक्षिण पंचमुखी हनुमान मंदिर में एक बैठक की गई। विश्व हिंदू परिषद के प्रांत उपाध्यक्ष सतीश गुप्ता ने कहा कि आज हिंदू समाज की ओर से अपने त्योहारों को छोड़कर क्रिसमस को मनाया जा रहा है। 25 दिसंबर के दिन हिंदू समाज के लोगों को तुलसी पूजन करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में मान्यता है कि इस दिन वृंदा ने भगवान विष्णु को शाप दिया था और स्वयं तुलसी का पौधा बन गई थीं। जिलाध्यक्ष नीरज गोयल ने कहा कि 21 दिसंबर से 28 दिसंबर तक शहीदी सप्ताह मनाया जाता है। क्योंकि इस सप्ताह में गुरु गोविंद सिंह के चारों पुत्रों ने धर्म के लिए अपना बलिदान दे दिया थे। अगर इस विषय में किसी से कुछ पूछा जाए तो ना ही तो समाज में लोगों को जानकारी है और न ही स्कूल इस शहीदी सप्ताह में बच्चों को इस प्रकार की कोई जानकारी ही देते हैं। इसलिए विश्व हिंदू परिषद यह आह्वान करता है कि सभी स्कूल संचालक अपने स्कूलों में गुरु गोविंद सिंह के चारों पुत्रों का इतिहास बच्चों को बताएं और 25 दिसंबर को तुलसी दिवस के रूप में मनाएं।
जगतगुरु रिशिपाल आनंद ने कहा कि जब मिशनरीज स्कूल दिवाली और दशहरे के अवसर पर भगवान राम और जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में भगवान श्री कृष्ण की वेशभूषा में बच्चों के तैयार कर के कोई कार्यक्रम नहीं करते हैं तो हमें भी उनके यह त्योहार नहीं मनाने चाहिए। इस मौके पर प्रांत ऑडिटर नरेश गोयल, जिला मंत्री सुभाष चंद, नगर अध्यक्ष प्रदीप भारती मौजूद रहे।