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गांव राहड़ा में मामा के घर से मिला लापता हुआ हिमांशु। परिजनों द्वारा फोन दिलाने से मना करने पर खुद रची अपहरण की साजिश।

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गांव बरास से शुक्रवार को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुए हिमांशु को पुलिस ने उसके मामा के घर गांव राहड़ा से सकुशल बरामद कर लिया है। उसको मजिस्ट्रेट के सामने बयान देने के लिए कोर्ट में पेश किया गया, जहां उसने स्वीकार किया कि परिजनों ने फोन दिलाने से मना किया तो उसने खुद ही अपने अपहरण की साजिश रच डाली।
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पुलिस अनुसार बरास वासी 15 वर्षीय हिमांशु शुक्रवार को सुबह करीब 10 बजे संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था, जिसकी सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों और ड्रोन की सहायता से करीब ढाई घंटे तक सर्च अभियान चलाया। सारा दिन ढूंढने के बाद भी हिमांशु का कोई सुराग नहीं लग पाया। उसी रात परिजनों को करीब 11 बजे उसके मामा का फोन आता है कि हिमांशु उनके पास है। जिसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी और पुलिस गांव राहड़ा पहुंच हिमांशु को सकुशल बरामद कर थाने ले आई। इसके बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां उसने बताया कि उसकी ऑनलाइन क्लास होती है, जिसके लिए उसे फोन की जरूरत पड़ती है। बार-बार कहने के बाद भी परिजनों ने फोन दिलाने से मना कर दिया। इससे नाराज होकर उसने पहले खुद ही अपने अपहरण की साजिश रची। इसके तहत हिमांशु ने परिजनों को बताया कि गुरुवार रात करीब 11 बजे वह अपने घर से पास बने पशुओं के बाड़े में सोने के लिए जा रहा था। तभी बीच रास्ते में बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने उसका अपहरण कर लिया। जब बाइक अमूपुर रोड के मोड़ पर धीमी हुई तो वह बाइक से कूद गया और शोर मचाते हुए गांव की तरफ भाग आया। शोर सुनते ही नकाबपोश बदमाश मौके से फरार हो गए। परिजनों ने इस संबंध में पुलिस में भी तहरीर दी। पुलिस अभी मामले की जांच कर रही थी तभी अगले दिन हिमांशु घर से बिना बताए फरार हो गया था, जिसे उसके मामा के यहां से बरामद किया गया। थाना प्रभारी रामफल का कहना है कि बच्चे को बरामद कर कोर्ट में बयान दर्ज कराया गया है।
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