स्मार्ट सिटी में शनिवार को हुई 58.2 एमएम बारिश लोगों के लिए आफत बन गई। दो घंटे की बरसात के बाद छह घंटे तक शहर में बाढ़ जैसे हालात बने रहे। सुबह-सुबह ही बारिश का पानी लोगों के बेडरूम तक पानी पहुंच गया। मकान, दुकान, स्कूल, अस्पताल, बस स्टैंड बारिश के पानी से लबालब हो गए। सड़क पर दो फुट पानी में करीब 150 वाहन दोपहिया और चार पहिया बंद हो गए। शहर के हर कोने में करीब चार घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही। शहर के अलावा, इंद्री, नीलोखेड़ी, तरावड़ी, घरौंडा, निसिंग समेत जिले के सभी कस्बों में बारिश दर्ज की गई है।
नौकरी-पेशा लोग अपने काम तो बच्चे स्कूल नहीं जा सके। जो पहुंचे वे काम नहीं कर पाए। लोगों का कहना है कि यदि इतनी बरसात में यह स्थित है तो ज्यादा बारिश में कैसे हालात होंगे। हालांकि, बारिश से पहले नगर निगम और जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से दावा किया गया था नालों की अच्छी तरह से सफाई हो गई है, बारिश के सीजन में कोई दिक्कत नहीं आएगी। नालों की सफाई पर लाखों रुपए खर्च होने के बावजूद पानी की निकासी नहीं हो सकी। शहर के पाश इलाकों में जरूर शाम तक पानी निकासी हो गई, लेकिन शहर की अन्य कालोनियों में देर रात तक पानी जमा रहा।
घरों में घुसा पानी
शहरवासी धनपत ने बताया सेक्टर छह में बरसाती पानी के साथ सीवर का गंदा पानी भी उनके घरों में घुस गया। शिव कॉलोनी गली नंबर दो के मोहन के घर में दो फीट पानी भर गया। घर में पानी से बेड डूब गया और सामान तो बह ही गया। पूरे परिवार ने पड़ोसियों के चौबारे का सहारा लिया। पिहोवा निवासी विजय को दिल्ली जाना था। अंबेडकर चौक पर पानी में गाड़ी बंद हो गई। दोपहर ढाई बजे पानी कम होने के बाद ठीक करवाई। दिल्ली जाना भी केसिंल करना पड़ा। बांसो गेट पर बने स्कूल के सभी कमरे पानी से भरे होने के कारण बच्चों को बैंच पर बैठकर ही वापस जाना पड़ा। स्कूल में पढ़ाई नहीं हुई। प्रेम नगर स्कूल की भी मिली जुली स्थिति रही। फूसगढ़ की खराब गली में राहत देने के लिए मिट्टी डालने पहुंची ट्राली धंस गई। दूसरे गली में पानी के कारण साढ़े तीन फीट गहरा गड्ढा बन गया।
बारिश से ये एरिया रहे प्रभावित
शहर में बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात रहे। इनमें मुगल कैनाल, सेक्टर-13, सेक्टर-6, आईटीआई चौक, जुंडला गेट, बासो गेट, कुंजपुरा रोड, कमेटी चौक, शहर के बाजारों समेत बस स्टैंड समेत अन्य स्थानों पर पानी जमा रहा। बासों गेट स्थित सरकारी स्कूल की कक्षाओं तक में पानी पहुंच गया। ऐसे में बच्चों को बैंचों के ऊपर खड़ा होना पड़ा। इसके अलावा, न्यायपुरी कालोनी, रामनगर, सेक्टर-14, सेक्टर-9 की सड़कें भी तालाब की तरह पानी से लबालब नजर आई।
तेज बारिश के बाद हरकत में आया निगम का अमला
करीब दो घंटे तक हुई तेज बारिश के बाद जैसे ही लोगों के फोन खनके कि पानी की निकासी नहीं हो रही है तो निगम का अमला अलर्ट हुआ। मेयर रेणु बाला गुप्ता समेत पार्षद भी अपने अपने क्षेत्र में बाहर निकले। साथ ही निगम आयुक्त राजीव मेहता, डीएमसी धीरज कुमार, चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर सुरेंद्र चोपड़ा समेत जेई व अन्य अधिकारी फील्ड में निकले।
कहां कितनी बारिश
करनाल : 58
नीलोखेड़ी : 48
घरौंडा : 24
इंद्री : 28
निगदू : 35
बरसात का सारा पानी तीन घंटे के अंदर में उतर गया था। ये बड़ी सफलता है। इस दौरान कुछ क्षेत्र में छोटी-मोटी कमियां सामने आई हैं, उन्हें दूर किया जाएगा। सेक्टर-6 क्षेत्र को फूसगढ़ वाले एसटीपी से जोड़ा जाएगा। बारिश के बाद से ही निगम का पूरा अमला इसमें जुट गया था। -रमेश चंद, एसई नगर निगम करनाल।