पिछले दो सालों के मुकाबले जिले में इस बार जुलाई माह में आधी से भी कम बारिश हुई है। सावन में बादल तो गरजते हैं लेकिन बूंदाबांदी तक ही सीमित रहने से लोग चिंतित हैं। हालांकि इससे मौसम तो खुशगवार हो जाता है, जिसका शहरी लोग आनंद भी ले रहे हैं। मौसम के जानकार गत वर्षों के आंकड़े देखकर चिंतित हैं। पिछले साल 2018 जुलाई माह में 549.0 एमएम बारिश हुई। इस बार शनिवार तक 217.2 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है। कृषि और मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि पर्यावरण असंतुलन का असर होने वाली बारिश पर पड़ रहा है। बारिश कम होने से इसका असर कृषि के अलावा अन्य क्षेत्रों पर भी पड़ रहा है। जिले में पैच टाइम में भी बारिश हुई है। एक ही दिन में जिले के किसी इलाके में अधिक तो कहीं पर कम बारिश हो रही है।
जुलाई में हुई बारिश
तिथि वर्षा एमएम में
4 12.8
5 3.0
10 60.2
11 4.2
14 15.0
15 7.4
16 52.2
17 1.4
20 58.2
27 2.8
मौसम का हाल
शनिवार को दिन में कई बार किसी-किसी स्थान पर हलकी छींटे पड़ी। बारिश की उम्मीद जताई गई। केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को अधिकतम तापमान 31.0 डिग्री और न्यूनतम 25.6 डिग्री सेल्सियस रहा। नमी 83 प्रतिशत, वेपर प्रेशर 25.4 एमएम, हवा की औसत गति 19.9 किलोमीटर प्रति घंटा और वर्षा 2.8 एमए दर्ज की गई।
जुलाई में हुई बारिश
वर्ष वर्षा
2011 179.2
2012 34.6
2013 215.5
2014 61.0
2015 244.9
2016 185.0
2017 56.6
2018 549.0
2019 217.2