- जिले में गठित 1173 टीमों में तैनात 2346 कर्मी पूरा करेंगे अभियान
- टीमों पर निगरानी के लिए तैनात किए 260 सुपरवाइजर
अनुज शर्मा
करनाल। जिले के हर घर में दस्तक देकर स्वास्थ्य विभाग कुष्ठ रोगियों की पहचान करेगा। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम (एनएलईपी) के तहत कुष्ठ रोग खोज अभियान (एलसीडीसी) चलाएगा। इसके लिए विभाग ने 1173 टीमों का गठन किया है। टीमें 13 से 26 मई तक जिले के हर घर में लगभग 18 लाख लोगों से कुष्ठ रोग के लक्षणों के बारे में जानकारी लेगी।
उप-सिविल सर्जन डॉ. सिम्मी कपूर ने बताया कि जिले में राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 1173 टीमों का गठन किया गया है। इसमें एक आशा व एक पुरुष कार्यकर्ता को शामिल किया गया यानी 1173 टीमों में 2346 सदस्य रहेंगे। इसके अलावा टीमों की निगरानी के लिए 260 सुपरवाइजर रखे गए हैं यानी एक सुपरवाइजर पर पांच टीमों का कार्यभार रहेगा।
उन्होंने बताया कि सुपरवाइजरों को भी प्रतिदिन की रिपोर्ट टीमों से एकत्रित कर विभाग को सौंपनी होगी। बता दें कि इसको लेकर शहर के स्वास्थ्य केंद्रों के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों को बुधवार को प्रशिक्षण दिया गया। अभियान के दौरान जहां कहीं भी कुष्ठ रोग से संबंधित लक्षणों वाले मरीज मिलेंगे। उनका स्वास्थ्य विभाग की ओर से नागरिक अस्पताल के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप मान व डॉ. एसपी सिंगल से निशुल्क इलाज शुरू करवाया जाएगा।
लक्षण दिखे तो कुष्ठ रोग विभाग में करें संपर्क
चिकित्सा अधिकारी डॉ. सौभाग्य कौशिक ने बताया कि कुष्ठ रोग छूत की बीमारी नहीं है। यह सांस के माध्यम से एक से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। चमड़ी पर लाल चकते, दाग, जिनमें खुजली, चुभन या जलन न हो बल्कि सुन्न हो और गर्म-ठंडे का अहसास न हो। ये धब्बे या निशान शरीर के किसी भी भाग में हो सकते हैं। हाथ-पैरों में नमी का अनुभव, कोहनी के नीचे, कान के पीछे या घुटने के नीचे नस का सूजना। हाथों या पैरों की उंगलियों का मुड़ जाना। ऐसी स्थिति में तुरंत नागरिक अस्पताल में कुष्ठ रोग विभाग में जाएं या विभाग के टोल फ्री नंबर 0184-2268585 पर संपर्क करें और अपना मुफ्त इलाज शुरू करवाएं।