संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिले में गांवों में ही नहीं शहर में भी पीने के पानी के दूषित होने की समस्या है। नलों से आ रहे पानी में सीवरेज की बदबू आ रही है। ऐसे में लोग या तो पीने का पानी खरीदकर पी रहे हैं या उबालकर इस्तेमाल कर रहे हैं। मजबूरी में दूषित पानी का प्रयोग लोगों को बीमार भी कर रहा है। डायरिया और पेट के संक्रमण के मरीज बढ़े हैं। नागरिक जिला अस्पताल के आंकड़े बताते हैं कि अधिकांश मरीज उन इलाकों के हैं जहां दूषित पानी की समस्या है।
जिले में पीने के पानी के 224 नमूनों में से 60 फेल रहे हैं। इनमें कॉलीफॉर्म बैक्टीरिया की पुष्टि हुई है। ये नमूने 18 इलाकों से लिए गए हैं। इन इलाकों में दूषित पानी से बीमारियां बढ़ रही हैं। जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना ओपीडी में उल्टी-दस्त के 3 से 4 मरीज उपचार के लिए आ रहे हैं। फ्लू ओपीडी में टाइफाइड के मरीज रोजाना 15 प्रतिशत तक रहते हैं।
हरियाणा राज्य जनस्वास्थ्य लैबोरेटरी के एमडी पैथोलोजी डॉ. रवि कुमार ने बताया कि सभी नमूनों में कॉलीफॉर्म बैक्टीरिया मिला है। यह मलमूत्र से दूषित होने पर ही मिलता है। इससे डायरिया और पेट के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
आ रही मिट्टी के तेल की गंधनिर्मल विहार निवासी सुरेंद्र सिंह राणा ने बताया कि 15 दिन से पानी से मिट्टी के तेल जैसी गंध आ रही है। नहाते समय पता चला कि पानी में बदबू आ रही है। उसके बाद से पानी का स्वाद कड़वा है। कई बार सीवरेज की बदबू भी आती है। हमें यही पानी पीना पड़ रहा है।
पानी में सीवर की बदबू आती है
उत्तम कॉलोनी निवासी राम प्रसाद ने कहा कि हालात जस के तस हैं। पानी पिछले एक महीने से खराब आ रहा है। कॉलोनी से दूर जाकर पीने के लिए पानी लाना पड़ रहा है। पानी में सीवर की बदबू आती है। फिल्टर नहीं है, नल का सादा पानी ही पीते हैं।
पिछले तीन महीने से पानी खराब
बैंक कॉलोनी निवासी मंजू ने बताया कि पिछले तीन महीने से पानी खराब आ रहा है। छोटे बच्चे हैं। बोतलबंद पानी खरीद नहीं सकते। इसलिए दूषित पानी को गर्म कर इस्तेमाल कर रहे हैं। तीन महीने से पानी में सीवर की बदबू आ रही है।
कॉलीफॉर्म बैक्टीरिया बैक्टीरिया गर्म खून वाले जानवरों और मनुष्यों के मल में पाए जाते हैं। दूषित पानी के जरिए शरीर में जाने पर दस्त, टाॅइफाइड व हेपेटाइटिस ए जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ा देते हैं। कॉलीफॉर्म बैक्टीरिया की मौजूदगी संकेत है कि पानी मानव या पशु के मल से दूषित है और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। -डॉ. पारुल, माइक्रोबाॅयोलॉजिस्ट, जिला नागरिक अस्पताल
शहर की 20 वार्डों की 422 किलोमीटर लंबी सीवर व पाइपलाइन की लीकेज की समस्या को एक साल के अंदर ठीक कराने के लिए 84 लाख रुपये का टेंडर दिया जा रहा है। कहीं भी कोई समस्या आएगी तो उसे तत्काल भाव से ठीक करा दिया जाएगा। -डॉ. वैशाली शर्मा, नगर निगम आयुक्त, करनाल
10....राजीव पुरम की गली में फैलाउ सीवरेज का पानी। संवाद- फोटो : mathura
10....राजीव पुरम की गली में फैलाउ सीवरेज का पानी। संवाद- फोटो : mathura