करीब 70 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली तेज हवाओं के साथ हुई झमाझम
बारिश के बाद गेहूं की फसल जमीन पर गिर गई।
किसानों की मानें तो जमीन पर
गिरने के बाद गेहूं की फसल में भारी नुकसान होता है, लेकिन दूसरी ओर कृषि
विभाग के उपनिदेशक डॉ. पवन शर्मा ने किसी प्रकार का नुकसान नहीं होने की
बात की है। उन्होंने कहा कि पूरे जिला में औसत एक एमएम बारिश हुई।
इस बारिश
के कारण कोई नुकसान गेहूं की फसल पर नहीं हुआ है। दूसरी ओर मौसम
विशेषज्ञों ने भी बताया कि इस बारिश से गेहूं की फसल को अभी तक कोई नुकसान
नहीं हुआ है। मंगलवार तड़के करीब तीन बजे के बाद तेज हवाओं और बादलों की
गड़गड़ाहट के साथ करीब दस मिनट तक जमकर बारिश हुई। ऐसे किसानों के खेत पर
गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई जिनके खेत पर अंतिम सिंचाई का पानी खड़ा था।
जिला भर में ऐसे सैकड़ों किसान बताए जा रहे हैं। मौसम विभाग के आंकड़ों की
बात की जाए तो करीब 70 किलोमीटर की तेज रफ्तार के साथ हवा चली। इस दौरान
मात्र 4.6 एमएम बारिश हुई। वाष्प दाब सुबह के समय 14.3 तथा शाम के समय 14.4
एमएम दर्ज किया गया। ऐसा होने से अगले 24 घंटे में बादल होने की संभावना
है, लेकिन अभी बारिश की संभावना नहीं है।
मौसम में नमी सुबह के समय 93
प्रतिशत और शाम के समय 48 प्रतिशत दर्ज की गई। जिला कृषि विभाग के
आंकड़ों के अनुरूप एक लाख 70 हजार हेक्टेयर पर गेहूं की फसल खड़ी है।
मंगलवार तड़के पूरे जिला में मात्र एक एमएम बारिश हुई है। गेहूं में दाना
पड़ चुका हे। अब पकाई के दौर पर है। तापमान भी निंरतर बढ़ रहा है, जो अब
गेहूं की फसल के पक्ष में है। इस बारिश को कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ा है,
लेकिन हवा चल गई तो गेहूं की फसल को नुकसान हो सकता है। अभी तक उनके अनुसार
21 मार्च को बारिश होने की संभावना का कोई संकेत नहीं मिला है।