संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिला नागरिक अस्पताल में कार्यरत एचकेआरएन (हरियाणा कौशल रोजगार निगम) के संविदा पर कार्य कर रहे कर्मियों को तीन माह से मानदेय नहीं मिला है। कर्मचारियों का कहना है इससे उनके परिवार के लिए जीविका का संकट पैदा हो गया है। कर्मचारियों का कहना है कि उधार लेकर काम चला रहे हैं।
करीब 50 से अधिक कर्मचारी अस्पताल में कार्यरत हैं। इनमें डाटा ऑपरेटर, कुक, जीडीए, असिस्टेंट, नर्सिंग स्टाफ आदि हैं। डाटा एंट्री ऑपरेटर पूजा ने बताया कि पिछले तीन महीनों से मानदेय नहीं मिलने से बच्चों की पढ़ाई और घर का खर्च संभालना मुश्किल हो गया है। अब तो दुकानदार भी उधार देने से मना करने लगे हैं।
सीएमओ पूनम चौधरी ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से एनएचएम कर्मियों का बजट जारी कर दिया गया है। जल्द ही कर्मचारियों के खाते में रुका हुआ मानदेय पहुंच जाएगा।
कर्मचारियों की पीड़ा
ग्राउंड ड्यूटी असिस्टेंट सोहन ने बताया कि रोजाना गोंदर गांव से शहर आते हैं। मानदेय नहीं मिलने से दिक्कतें बढ़ गई हैं। परिवार वाले पूछते हैं कि कब तक सैलरी नहीं मिलेगी। क्या बताएं।
डाटा एंट्री ऑपरेटर प्रवीन ने बताया कि तीन महीने से वेतन नहीं मिला तो परिवार कैसे चलाएं। किराया, बिजली-पानी के बिल और बच्चों की जरूरतें पूरी करने के लिए अब उधार लेना पड़ रहा है।
कुक अनिल कुमार ने कहा कि अस्पताल के किचन में दिन-रात मेहनत करते हैं। जो कुछ मानदेय मिलता है, वह भी नहीं दिया जा रहा। सरकार को इस समस्या का समाधान निकालना चाहिए।
डाटा ऑफिसर जोगिंदर ने कहा कि घर पर दवाइयों और जरूरी खर्चों के लिए उधार लेना पड़ रहा है। परिवार वाले भी परेशान हो गए हैं। अस्पताल प्रशासन से कई बार गुहार लगाई, बस आश्वासन मिलता है।
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401....पूजा
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