अध्यापिकाओं के मातृत्व अवकाश लेने पर ग्रामीण सेवा में जोडे़ जाने की
मांग को लेकर कुछ दिन पहले चंडीगढ़ स्थित हायर एजुकेशन के प्रिंसिपल
सेक्रेटरी एसएस प्रसाद की ओर से अशोभनीय टिप्पणी पर महिला आयोग ने तेवर
तीखे कर लिए हैं। महिला आयोग की उपाध्यक्ष सुमन दहिया ने कहा कि एसएस
प्रसाद माफी मांगें।
यदि माफी नहीं मांगी तो सोमवार को ही उनके विभाग और
उनको नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा। उसमें लिखा जाएगा कि ऐसे अशोभनीय
टिप्पणी करने वाले अधिकारी को पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है।
शुक्रवार
को हरियाणा राजकीय महाविद्यालय शिक्षक संघ के पदाधिकारियों की शिकायत पर
महिला आयोग की उपाध्यक्ष सुमन दहिया ने सेक्टर-14 स्थित पंडित चिंरजीलाल
राजकीय महाविद्यालय में दो पदाधिकारी डा. सुनील कुमार और डा. रामप्रताप के
बयान दर्ज किए।
राजकीय महाविद्यालय में पत्रकारों से बातचीत में
उपाध्यक्ष सुमन दहिया ने बताया कि महिलाओं पर अत्याचार कम नहीं हो रहे हैं।
पुलिस कर्मचारी बहुत से केस को दबा देते हैं। जो मामला मीडिया में आता है
उस पर कार्रवाई होती है। सरकारी और प्राइवेट जॉब में भी महिलाओं पर
अत्याचार हो रहे हैं। शिक्षा विभाग में 80 प्रतिशत महिलाएं हैं। यदि
महिलाओं का सम्मान नहीं होगा तो देश तरक्की नहीं कर पाएगा।
प्रिंसिपल
सेक्रेटरी एसएस प्रसाद ने मातृत्व पर अवकाश ग्रामीण सेवा में जोडे़ जाने की
मांग पर टिप्पणी की थी। उनकी इस टिप्पणी पर महिला आयोग ने कड़े तेवर अपना
लिए हैं। सुमन दहिया ने कहा कि महिला आयोग सरकार से एसएस प्रसाद को
निष्कासित करने की मांग करेगा।
ग्रामीण स्तर पर जो महिलाएं रह रही हैं,
उनको आयोग की जानकारी नहीं है। इसलिए महिला आयोग चाहता है कि ग्रामीण स्तर
पर रह रही महिलाओं को महिला आयोग के नियमों के बारे में जानकारी हो। इसके
लिए वे प्रदेशभर में दौरा कर रही है कि अब तक सोलह जिलों में वो जा चुकी
हैं।
डायरेक्टर से मांगा जवाब
महिला आयोग की उपाध्यक्ष सुमन
दहिया ने कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में लापरवाही से
कतलाहेड़ी की महिला रोशनी की बच्चादानी निकालने के मामले पर डॉक्टरों के
बयान दर्ज किए और मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर डॉ. सुरेंद्र कश्यप से जल्द
जवाब दायर करने को कहा गया। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों द्वारा बरती जा रही
लापरवाही की चार से पांच शिकायतें उनके पास पहुंची हैं। जिसके संदर्भ में
उन्होंने शुक्रवार को अस्पताल में भर्ती मरीजों से बातचीत की और अनदेखी
होने पर महिला आयोग का सहारा लेने के प्रति महिला मरीजों को जागरूक किया।
इसके बाद डीसी बलराज सिंह और एसपी अभिषेक गर्ग से मीटिंग करके उन्होंने
महिलाओं से संबंधित शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करने की अपील की।