सेक्टर 12 में आयोजित ललकार रैली में पहुंची भारी भीड़।
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हरियाणा के करनाल के सेक्टर-12 के हुड्डा ग्राउंड में ठेका प्रथा खत्म करने, न्यूनतम वेतन रिवाइज करके 26 हजार रुपये मासिक करने समेत विभिन्न मांगों के समर्थन में हरियाणा के मजदूरों की ललकार रैली आयोजित हुई। इसमें प्रदेश भर के विभिन्न संगठनों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। रैली में आशा वर्कर यूनियन के प्रदेश कमेटी ने आगामी 30 अक्तूबर को देशभर की आशाकर्मियों के साथ संसद मार्च पर निकलने का निर्णय लिया। इसके बाद 26 से 28 नवंबर को चंडीगढ़ में महापड़ाव आयोजित किए जाने का निर्णय लिया गया। जिसमें राज्य से हजारों मजदूर हिस्सेदारी करेंगे।
आशा वर्कर यूनियन हरियाणा की राज्य प्रधान सुरेखा ने कहा कि प्रदेशभर की 20 हजार आशा कर्मी आठ अगस्त से हड़ताल पर हैं लेकिन अभी तक सरकार ने उनकी एक नहीं सुनी है। वार्ता करके अभी एक भी बात नहीं मानी है। अगर ऐसे ही चलता रहा तो प्रदेश भर से ही नहीं, बल्कि पूरे देश भर की आशा कर्मी संसद मार्च पर निकलेंगी।
वहीं सीटू के राष्ट्रीय सचिव एआर सिंधु ने मंच से कहा कि आशाओं को अपने मंजिल तक पहुंचाने के लिए कमेटी ने निर्णय लिया है कि प्रदेशभर के ग्रामीण सफाई कर्मी 10 अक्तूबर से तीन दिन के लिए हड़ताल पर रहेंगे। अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो यह हड़ताल ऐसे ही तीन-तीन दिन करके बढ़ती रहेगी, जो अनिश्चितकालीन में बदल सकती है।
इसके साथ ही दूसरी ओर 26 से 28 नवंबर को चंडीगढ़ में महापड़ाव होगा। जिसमें राज्य से हजारों मजदूर हिस्सेदारी करेंगे। इस मौके पर प्रदेश महासचिव जय भगवान, खेत मजदूर यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव ए विजय राघवन, प्रदेश महासचिव प्रेम चंद व अध्यक्ष जगमाल सिंह मौजूद रहे।
रैली में इन प्रमुख मांगों को उठाया
राज्य में न्यूनतम वेतन रिवाइज करके 26 हजार रुपये मासिक किया जाए। स्कीम वर्कर्स, कच्चे कर्मचारियों, ठेका कर्मियों को स्थाई किया जाए। मजदूर विरोधी लेबर कोड्स रद हो और ठेका प्रथा खत्म की जाए। मनरेगा में सालाना 200 दिन काम और 600 मजदूरी लागू की जाए। निर्माण मजदूरों के बोर्ड में सभी मजदूरों का पंजीकरण हो और सभी सुविधाओं का समय पर भुगतान हो। ग्रामीण और शहरी मजदूरों के लिए आवास के लिए 100 गज के प्लॉट तथा मकान बनाने के लिए अनुदान की गारंटी हो। राज्य के सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों पर स्थाई भर्ती की जाए। हरियाणा के सभी मजदूरों और गरीब किसानों के कर्ज माफ हो। परिवार पहचान पत्र के नाम पर जन सुविधाओं पर हमला बंद हो व बिजली बिल 2023 रद किया जाए।