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पेज छह- हरियाणा बोर्ड परीक्षाएं 3 मार्च से; 75 प्रतिशत से कम हाजिरी वाले नहीं दे पाएंगे परीक्षा

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हरियाणा बोर्ड की परीक्षाएं तीन मार्च से शुरू हो रही हैं। एचटेट की तर्ज परीक्षा को लेकर बोर्ड की ओर से कई नियम बनाए गए हैं। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से 10वीं और 12वीं की वार्षिक परीक्षाओं में इस बार प्रवेश पत्र परीक्षार्थी व पर्यवेक्षक दोनों के हस्ताक्षर अनिवार्य किए हैं। ताकि फर्जी परीक्षार्थियों को पकड़ने में आसानी हो सके। सीनियर सेकेंडरी के परीक्षार्थी जहां तीन मार्च को पहली परीक्षा हिंदी विषय की देंगे। वहीं 31 मार्च को अंतिम परीक्षा व्यवसायिक विषयों की होगी। इसके अलावा सेकेंडरी के छात्र पहली परीक्षा चार मार्च को सामाजिक विज्ञान विषय की देंगे, इनकी परीक्षाएं 28 मार्च तक चलेंगी।
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30 मिनट पहले पहुंचना होगा सेंटर
परीक्षाओं के आयोजन को लेकर बोर्ड की ओर से निर्देश जारी किए गए है। परीक्षार्थिर्यों के लिए परीक्षा केंद्र पर परीक्षा से 30 मिनट पूर्व पहुंचना होगा। सभी नियमित परीक्षार्थी स्कूल ड्रेस में ही स्कूल के आईडी कार्ड और मूल आधार कार्ड के साथ परीक्षा केंद्र आएंगे। इस बार उन विद्यार्र्थियों को परीक्षा में बैठने के अनुमति नहीं होगी, जिनकी स्कूल में 75 फीसद से कम हाजिरी है।
प्रवेश पत्र को ना कराएं लेमिनेशन
परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र का रंगीन प्रिंट लेना अनिवार्य है। बोर्ड ने परीक्षार्थियों को कहा है कि अपने प्रवेश पत्र को लेमिनेशन ना कराएं। परीक्षा के दौरान प्रवेश पत्र पर परीक्षार्थी और पर्यवेक्षक की ओर से हर परीक्षा वाले दिन हस्ताक्षर किए जाने हैं। ऐसे में लेमिनेशन प्रवेश पत्र पर हस्ताक्षर नहीं हो सकेंगे। साथ ही परीक्षार्थियों को प्रवेश् पत्र पर फोटो चिपकाकर फोटो तथा प्रवेश पत्र को सत्यापित करना होगा। वहीं केंद्र बने स्कूलों को परीक्षा कक्ष में दीवार घड़ी, पानी और शौचालय आदि की व्यवस्था परीक्षा की निर्धारित तिथि से पहले ही करनी होगी।
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कोचिंग सेंटरों के फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाया
जिला शिक्षा अधिकारी रविन्द्र चौधरी के अनुसार, बनाए गए नियमों से कोचिंग सेंटरों के फर्जीवाड़े पर अंकुश लगेगा। क्योंकि कई कोचिंग सेंटर सालभर बच्चों को कोचिंग देकर किसी स्कूल से फार्म भरवा देते हैं। इससे विद्यार्थी पास तो हो जाते हैं, लेकिन उनका संपूर्ण विकास नहीं हो पाता। सभी शिक्षण संस्थानों के प्रिंसिपलों से कहा गया है कि शर्तों को गंभीरता से लिया जाए। जिससे बच्चों को परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी ना उठानी पड़े।
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