अंबाला। जूनियर एशियन मुक्केबाजी चैंपियनशिप में पदक जीतकर देश व अंबाला का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने वाली उभरती हुई मुक्केबाज हरनूर अंबाला के अन्य उभरते हुए खिलाड़ियों की प्रेरणास्रोत बनी है। मुक्केबाज हरनूर ने अंबाला कैंट के वारहीरोज मेमोरियल स्टेडियम में पहुंचकर खेल नर्सरी में प्रशिक्षण ले रहे युवा खिलाड़ियों से अपने अनुभव सांझा किए और उन्हें रिंग में विरोधी को मात देने के विशेष गुर सिखाए।
नर्सरी के 70 युवा मुक्केबाजों को मिला लाभ : वार हीरोज स्टेडियम के बॉक्सिंग कोच संजय ने बताया कि इस विशेष सत्र का मुख्य उद्देश्य खेल नर्सरी में मुक्केबाजी की बारीकियां सीख रहे करीब 70 जूनियर खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारना है। जब कोई अंतरराष्ट्रीय स्तर का पदक विजेता खिलाड़ी खुद अपनी जमीन पर आकर बच्चों के साथ समय बिताता है, तो खिलाड़ियों का मनोबल सातवें आसमान पर पहुंच जाता है।
हरनूर के इस सत्र से नवोदित खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने की तकनीक और हौसला मिलेगा। बता दें कि इस आयोजन की सबसे खास और प्रेरणादायक बात यह है कि देश को पदक दिलाने वाली हरनूर इसी मैदान में मुक्केबाजी कर इस मुकाम तक पहुंची है। हरनूर कौर शाहपुर गांव की रहने वाली है और वर्तमान में आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट पुणे में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।