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Karnal News: अनाजमंडी में गेहूं पर बिछी ओले की चादर, तैयारी के दावे फेल

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अनाजमंडी में गेहूं पर बिछी ओले की चादर, तैयारी के दावे फेल
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- इंद्री क्षेत्र में अंधड़ व बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि, खेतों में खड़ी गेहूं की फसल खराब
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संवाद न्यूज एजेंसी
इंद्री/करनाल। मौसम में बदलाव से किसानों की चिंता बढ़ गई है। शुक्रवार को इंद्री क्षेत्र में 10 एमएम बारिश के साथ जमकर ओले गिरे जिससे एक ओर खेतों में खड़ी गेहूं की फसल बर्बाद हो गई, वहीं इंद्री अनाज मंडी में खुले में पड़ा लाखों क्विंटल गेहूं भीग गया। ओलावृष्टि से पहले करीब 150 किलोमीटर प्रति घंटे की तरफ्तार से चले अंधड़ से पेड़ उखड़ गए और झोपड़ियां गिर गईं। जिले के कई क्षेत्रों में बारिश हुई।
इस बारिश ने अनाज मंडी प्रशासन के दावों की पोल खोल दी। अनाज मंडी में खुले में पड़े गेहूं को ढकने की कोई व्यवस्था नहीं थी। खुले में पड़ा गेहूं बारिश में भीगता रहा। अनाज मंडी में अधिकतर आढ़तियों के पास तिरपाल ही नहीं हैं। एजेंसी द्वारा खरीदा गया गेहूं भी बारिश में भीग गया। जो गेहूं के कट्टे शेड के नीचे थे उनका ही बचाव हुआ।
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मंडी में उठान धीमा होने के कारण ही खरीदा हुआ गेहूं खुले में पड़ा है। जो बारिश के कारण खराब हो सकता है। वहीं भाकियू नेता मनजीत लालर ने सरकार से मांग की है कि विशेष गिरदावरी करवाकर किसानों को 50 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा जारी किया जाए।

सर्विस लाइन पर लगी लाइन
करनाल अनाज मंडी के बाहर शुक्रवार को भी ट्रैक्टर ट्रालियों की सर्विस लाइन पर लंबी लाइन लगी रही। दोपहर तक इन ट्रैक्टर ट्रालियों की लाइन तीन जगहों पर थी। कई घंटों तक किसानों को गेट पास कटवाने के लिए इंतजार करना पड़ा। वहीं अनाज मंडी में उठान धीमा होने के कारण किसानों को गेहूं की फसल उतारने की जगह तक नहीं मिल रही है। एजेंसी द्वारा खरीदा गया गेहूं शेड के नीचे रखा है।

मंडियों में 3.32 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक
जिले की सभी अनाज मंडियों में गत दिवस तक करीब 4.96 लाख मीट्रिक गेहूं की आवक हुई है। इनमें से करीब 4.67 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। इनमें से करीब 1.64 लाख मीट्रिक टन गेहूं का ही उठा हुआ है। बाकी 3.33 लाख मीट्रिक टन गेहूं अनाज मंडियों में ही पड़ा है। इनमें आधे से ज्यादा गेहूं खुले आसमान के नीचे पड़ा है जो राम भरोसे है। इनमें किसानों का और खरीदा हुआ गेहूं शामिल है।

मार्केट कमेटी सचिव जसबीर सिंह का कहना है कि बरसात को लेकर आढ़तियों को पहले ही सतर्क कर दिया था। लेकिन अचानक हुई तेज बरसात व तूफान के कारण तिरपालें उड़ गई थी। जिस कारण कुछ गेहूं भीग गया है। इसमें प्रशासन की लापरवाही नहीं है।
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जसबीर सिंह सचिव मार्केट कमेटी इंद्री


अनाज मंडी में गेट पास कटवाने के लिए किसानों को इंतजार न करना पड़े। इसके लिए अनाज मंडी सचिव व एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं कि आवश्यकता अनुसार वह अनाज मंडी के गेट को खोल सकते हैं। बारिश को लेकर भी निर्देश दिए गए हैं कि किसानों की फसल न भीगे इसकी व्यवस्था की जाएगी। किसानों से अपील की है कि खेतों में फसल कटाई के बाद फानों में आग न लगाएं।
उत्तम सिंह, डीसी करनाल
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