गुरुग्राम की सीआईए टीम और एक कुख्यात बदमाश के बीच मधुबन के समीप देर रात मुठभेड़ हो गई। पुलिस टीम हत्या के आरोपी टेकचंद उर्फ मोहित को मोबाइल बरामदगी के लिए लाई थी, लेकिन उसने मौके का फायदा उठाकर पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली बदमाश के पैर में लगी, जिससे उसे काबू कर लिया गया और अस्पताल में भर्ती कराया गया।
गुरुग्राम मानेसर की सीआईए टीम एसआई अरुण कुमार के नेतृत्व में हत्या के आरोपी टेकचंद को लेकर करनाल आई थी। आरोपी पर गुरुग्राम सेक्टर-10 में दर्ज मामले के तहत कार्रवाई हो रही थी। जांच में सामने आया कि टेकचंद गैंगस्टर नरेश सेठी के गुर्गे अक्षय कुमार (जो विदेश में है) से जंगी एप और सिग्नल एप के जरिए संपर्क में था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने मोबाइल मधुबन के खरकाली रोड पर एक स्थान पर छिपाया हुआ है।
टीम आरोपी को मौके पर लेकर गई। जैसे ही उसने मोबाइल निकाला, उसके साथ छिपाई हुई पिस्टल भी निकाल ली और एएसआई हरीश कुमार पर फायर कर दिया। गोली हरीश कुमार के कंधे को छूती हुई निकल गई, जिससे वह नीचे गिर गए। आरोपी मौके से भागने लगा, तभी एसआई अरुण कुमार ने चेतावनी दी और जवाबी गोली चलाई, जो बदमाश के पैर में लगी। इसके बाद पुलिस ने उसे काबू कर लिया और अस्पताल में भर्ती कराया।
बदमाश पर था 20 हजार का इनाम
आरोपी टेकचंद पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित था। सूचना मिलते ही मधुबन थाना पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची। पुलिस को मौके से गोली के खोल भी बरामद हुए हैं।
पुलिस का बयान
मधुबन थाना प्रभारी गौरव पुनिया ने बताया कि गुरुग्राम की सीआईए टीम हत्या के आरोपी से मोबाइल बरामदगी के लिए आई थी, जिसकी सूचना थाना को दी गई थी। बदमाश ने मोबाइल के साथ पिस्टल भी छिपा रखी थी और पुलिस पर फायरिंग कर दी। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। जवाबी कार्रवाई में आरोपी को गोली लगी और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामले की जांच जारी है।