आरक्षण आंदोलन के दौरान हिंसा में मारे लोगों के परिजनों को दस लाख व एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने के विरोध में 35 बिरादरियों ने सनातन धर्म मंदिर में बैठक का आयोजन किया। बैठक की अध्यक्षता समाजसेवी बालकिशन गोयल ने की। बैठक में सभी लोगों ने एकजुट होकर शुक्रवार को शहर बंद करने का फैसला लिया।
बुधवार को आयोजित बैठक में आरक्षण को लेकर हुई हिंसा व लूटपाट विरोध जताते हुए कहा कि प्रदेश में इस प्रकार का मंजर कभी देखने को नहीं मिला। उन्होंने कहा कि सरकार ने मृतकों के परिजनों को दस लाख रुपये व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का ऐलान करके गलत घोषणा की है। उन्होंने कहा कि उन लोगों को दस लाख व सरकारी नौकरी दी जाए, जो निर्दोष मारे गए हैं।
उन्होंने आगजनी में जली दुकानों के मालिकों को मुआवजा देेने की मांग की। बैठक में फैसला लिया गया कि सरकार के इस फैसले के विरोध में शुक्रवार को शांतिपूर्वक मार्च निकाला जाएगा और सभी दुकानों को बंद कराकर रोष जताया जाएगा। उन्होंने दुकानदारों से अपील की है कि शहर बंद करने में 35 बिरादरी के लोगाें का सहयोग करें ताकि इस बंद से सभी की एकजुटता का परिचय सबके सामने दिखाई दें।
इस मौके पर नई अनाज मंडी प्रधान पवन गुप्ता, सुभाष चोपड़ा, सुदर्शन जुनेजा, सतपाल राणा, महेंद्रा चौहान, डॉ. सतपाल सिंह, सुरेश शर्मा, राजीव सैन, कुलबीर राणा, श्रीपाल राणा, रिंकू राणा, प्रदीप कैमला, जयपाल स्यान, मलखान सिंह, अमरिक सिंह, राजीव माहना, पुरूषोतम सेठी, जोगिंद्र चोपड़ा, सुरेश शर्मा, प्रेम चंद वाल्मीकि, रणबीर चौहान सहित 35 बिरादरियों के सैकड़ों लोग मौजूद रहे।