कस्बे व आसपास के गांवों में डेंगू का कहर दिन-प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। बुखार से पीड़ित एक दर्जन से ज्यादा लोगाें को डेंगू बुखार की पुष्टि हो चुकी है। ज्यादातर डेंगू से पीड़ित लोग अपर्णा व दूसरे अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिलेभर में 150 से अधिक को डेंगू की पुष्टि हो चुकी है, अगर निजी अस्पतालों का डाटा जोड़ दिया जाए तो संख्या हजारों में है। अब तक जिले में 20 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है लेकिन विभाग चार ही मौत मान रहा है।
हालांकि स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों से साबित हो चुका है कि शहर व आसपास के गांवों में डेंगू का प्रकोप है लेकिन बावजूद इसके भी विभाग का सर्वे का काम केवल घरों तक ही सीमित रह गया है। डेंगू बुखार अब तक कई लोगों की जान ले चुका है।
लोगों की मांग पर अभी तक न तो फॉगिंग हुई और न ही दवाइयों का छिड़काव। दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे डेंगू से लोग सहमे हुए हैं लेकिन विभाग कोई भी ठोस कदम उठाने में लाचार साबित हो रहा है। लोगों ने हेल्थ विभाग से फॉगिंग कराने जाने की मांग की है। कस्बे व आसपास के गांवों में काफी दिनों से डेंगू ने पांव पसार रखे हैं। जरा सा बुखार होते ही लोग घबरा जाते हैं।
स्थानीय सामुदायिक केंद्र में डेंगू की रोकथाम के लिए कोई व्यवस्था नहीं होने से मरीजों को करनाल के निजी अस्पतालों में इलाज करवाना पड़ रहा है। एक माह से पूरे क्षेत्र में डेंगू कहर बरपा रहा है। पांच दर्जन लोगों को डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। हाल ही में एक दर्जन लोगों को और इसकी पुष्टि होने से शहर में दहशत का माहौल बन गया है।
रूप सेन, ओमप्रकाश सेन, बलवान, नसीब विहार, पवन, रामपाल एडवोकेट सहित अन्य लोगों को डेंगू बुखार की पुष्टि हुई है, जोकि निजी अस्पताल में उपचाराधीन हैं, जबकि कई लोग करनाल व दिल्ली में उपचार करवा रहे हैं। शहर में डेंगू के साथ-साथ मलेरिया भी अपना प्रकोप फैला रहा है।
डेंगू से पीड़ित लोगों के परिजनों का आरोप है कि शहर में डेंगू फैलाने वाले मच्छरों का लारवा मिलने के बाद भी विभाग कोई कदम नहीं उठा पा रहा है। डेंगू के केस बढ़ रहे हैं लेकिन विभाग ने कोई ध्यान नहीं दिया है। विभाग से कई बार फॉगिंग कराने की मांग की गई है लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं हुई। अगर समय रहते हेल्थ विभाग ने फॉगिंग नहीं करवाई और डेंगू को रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाएं तो आने वाले दिनों में स्थिति गंभीर होने के आसार हैं।
विभाग के पास अस्पताल में डेंगू से बचाव व फॉगिंग कराने के लिए कोई सुविधा नहीं है। न ही डेंगू के सेल चेक करने तक की सुविधा है। सामुदायिक केंद्र के एसएमओ कुलबीर सिंह ने बताया कि कस्बे व आसपास के गांवों में डेंगू बुखार के कई मरीज सामने आए हैं। शहर में घर-घर जाकर कई टीमों ने सर्वे भी किया है और डेंगू बुखार फैलाने वाले मच्छरों के लारवा मिले हैं।
डेंगू बुखार ज्यादातर कूलर में खडे़ पानी से होता है। विभाग अपनी तरफ से बीमारी को रोकने की पूरी कोशिश कर रहा है, जिस भी व्यक्ति को बुखार की शिकायत हो तुरंत इलाज करवाएं।